Moradabad: हाई-प्रोटीन डाइट बन रही खतरा, यूरिक एसिड के मरीज बढ़े

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। युवाओं में फिटनेस के प्रति बढ़ते रुझान के साथ हाई-प्रोटीन डाइट का चलन तेजी से बढ़ा है, लेकिन यही डाइट अब उनके स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। जिले के सरकारी और निजी अस्पतालों की मेडिसिन ओपीडी में यूरिक एसिड बढ़ने की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। डॉक्टरों के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 30 मरीज ऐसे आ रहे हैं, जो बढ़े हुए यूरिक एसिड की समस्या से पीड़ित हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि जिम जाने वाले युवा बिना चिकित्सकीय सलाह के अत्यधिक प्रोटीन सप्लीमेंट, मीट, अंडे, दालों और फास्ट फूड का अधिक सेवन कर रहे हैं। इसके साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना और शारीरिक गतिविधियों में असंतुलन यूरिक एसिड बढ़ने का प्रमुख कारण बन रहा है। यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों में तेज दर्द, सूजन, चलने-फिरने में परेशानी और कभी-कभी गठिया जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो जाती है। पहले यह समस्या अधिकतर बुजुर्गों में देखी जाती थी, लेकिन अब 20 से 35 वर्ष की आयु के युवाओं में भी इसके मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। कई मरीज ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय तक दवाइयों का सहारा लेना पड़ रहा है। डॉक्टरों का मानना है कि यदि समय रहते खानपान और जीवनशैली में सुधार न किया गया, तो भविष्य में यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है।

जिम जाने वाले विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही सप्लीमेंट का सेवन करें
जनरल फिजिशियन डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण असंतुलित डाइट है। बिना जरूरत अत्यधिक प्रोटीन लेने से शरीर में प्यूरीन की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे यूरिक एसिड बनता है। युवाओं को चाहिए कि वे संतुलित आहार लें, हरी सब्जियों और फलों को डाइट में शामिल करें व पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। दवा के साथ-साथ खानपान में सावधानी बेहद जरूरी है। जिम जाने वाले युवा किसी विशेषज्ञ से परामर्श लेकर ही सप्लीमेंट का सेवन करें। नियमित व्यायाम, वजन नियंत्रण और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच से यूरिक एसिड को नियंत्रित किया जा सकता है।

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