नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत पर सीएम योगी सख्त, तीन सदस्यीय एसआईटी गठित
लखनऊ। नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। एसआईटी में मेरठ मंडलायुक्त, एडीजी जोन मेरठ और लाेक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता को शामिल किया गया है। टीम को पांच दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
घटना को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले और भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में युवराज मेहता के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर नॉलेज पार्क थाना में दो बिल्डरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
आरोप है कि निर्माण कार्य और सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। प्रकरण में विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई की गई है। लापरवाही के आरोपों के चलते संबंधित जूनियर इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच के दौरान यदि अन्य अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद से इलाके में आक्रोश का माहौल है। परिजन और स्थानीय लोग दोषियों की गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था और नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस तरह की घटनाओं पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई की जाएगी।
