बाराबंकी शिक्षिका सुसाइड मामला : सीएम योगी ने सराहा, हेडमास्टर के तानों से हारी, कई बार की शिकायत, अनसुनी करता रहा विभाग

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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बाराबंकी, अमृत विचार। ज्ञान और संस्कार का मंदिर कहा गया विद्यालय समर्पित शिक्षिका की आख़िरी सांसों का गवाह बन गया। सबसे अहम पहलू यह कि सीएम योगी से प्रशंसित हुई शिक्षिका से हेडमास्टर के ताने और सहयोगियों की प्रताड़ना सहीं नहीं जा सकी। फिलहाल पति की तहरीर पर हेडमास्टर व सहायक अध्यापक पर मुकदमा दर्ज किया गया है।

बताते चलें कि शहर कोतवाली क्षेत्र के माेहल्ला जलालपुर की रहने वाली एवं सतरिख थाना क्षेत्र स्थित उधवापुर कम्पोजिट विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापिका उमा वर्मा ने स्कूल में मिल रही मानसिक प्रताड़ना से टूटकर हेडमास्टर के कार्यालय में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस हृदयविदारक घटना ने न सिर्फ शिक्षा जगत को झकझोर दिया है, बल्कि सिस्टम की संवेदनहीनता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

गौरतलब है कि उमा सहयोगियों के व्यवहार से खासी आहत थी और न सिर्फ उसने बल्कि पति की ओर से स्कूल से हटाए जाने की गुजारिश की जा चुकी थी पर विभाग ने अनसुनी कर दी। और तो और मानसिक रूप से प्रताड़ित, पीड़ित या सहयोगियों से परेशान कर्मियों की सुनवाई या काउंसिलिंग करने के लिए विभाग में कोई मंच भी नही। जिसके कारण ऐसे हादसे पहले भी सामने आए हैं और एक घटना और जुड़ गई।

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उमा वर्मा सुसाइड प्रकरण में पति ऋषि कुमार वर्मा की तहरीर पर पुलिस ने विद्यालय की प्रभारी प्रधानाचार्य सीतावती और सहायक अध्यापक सुशील कुमार वर्मा के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। सतरिख थाना प्रभारी डी.के. सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर अगर कोई दोषी मिलता है, तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

सोशल मीडिया पर उड़ेलती थी पीड़ा 

उमा बच्चों को पूरे मनोयोग और ईमानदारी से पढ़ाती थी। इसका प्रमाण यह है कि छात्र-छात्राओं ने न सिर्फ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की बल्कि स्कूल के प्रोजेक्ट्स ने उच्च स्तर पर पहचान बनाई। इसी कार्य के लिए 11 नवंबर 2025 को बाराबंकी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं उमा वर्मा की प्रशंसा की थी।

आरोप है कि यही उपलब्धि कुछ लोगों को खटकने लगी। ईर्ष्या और दुर्भावना के चलते प्रधानाचार्य और एक सहायक अध्यापक ने उमा वर्मा को लगातार अपमानित करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। रोज़-रोज़ की फटकार, ताने और दबाव ने एक संवेदनशील शिक्षिका को अंदर से तोड़ दिया। उमा वर्मा ने अपनी पीड़ा कई बार सोशल मीडिया के जरिए भी जाहिर की थी। 

क्या बोले अधिकारी

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने बताया कि प्रकरण की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच कमेटी बनाई गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

सतरिख थाना प्रभारी डी.के. सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले में जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर अगर कोई दोषी मिलता है, तो उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।

 

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