UP: जांच के घेरे में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, अनुदान वितरण पर अस्थायी रोक
मुरादाबाद, अमृत विचार। 2025 में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक प्रोत्साहन विवाह योजना के अंतर्गत कराई गई शादियों में अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने के बाद समाज कल्याण विभाग ने अनुदान राशि के वितरण पर जांच पूरी होने तक रोक लगा दी है।
एक संगठन ने मुख्यमंत्री सामूहिक प्रोत्साहन विवाह योजना में हुई शादियों की संख्या पर सवाल उठाते हुए सोमवार को डीएम कार्यालय में प्रदर्शन किया। भारतीय लोकतंत्र बचाओ मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओंकार सिंह ने विभाग द्वारा दिया गए विवरण शादियों की संख्या को गलत बताते हुए सीबीआई से जांच की मांग की है। बताया गया कि विभाग के पोर्टल मात्र 1636 शादियों का विवरण है जब कि विभाग के दिए गए आंकड़े में 2015 शादियां होना दिखाया गया।
इस पर जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा समाज कल्याण विभाग के खाते में 1636 जोड़ों के विवाह अनुदान की राशि 1,60,36,00,000 भेजी गई है। वहीं विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार योजना के तहत कुल 2015 जोड़ों के विवाह संपन्न कराए गए थे। लेकिन जब विभागीय पोर्टल की जांच की गई तो उसमें केवल 1636 जोड़ों का ही बायोमेट्रिक सत्यापन दर्ज पाया गया।
शेष 369 जोड़ों का बायोमेट्रिक पोर्टल पर उपलब्ध नहीं है, जिससे अनियमितता की आशंका गहरा गई है। जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुरी जैन ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में कुछ स्तर पर गड़बड़ी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए एक भी दंपत्ति को अनुदान की राशि फिलहाल नहीं दी गई है। उन्होंने बताया कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संदिग्ध मामले में भुगतान नहीं किया जाएगा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने पूरे प्रकरण की जांच 15 दिन पहले जिला विकास अधिकारी (डीडीओ) को सौंप दी थी। जांच में यह देखा जाएगा कि जिन जोड़ों का रिकॉर्ड बायोमेट्रिक पोर्टल पर दर्ज नहीं है, वह वास्तव में विवाह समारोह में शामिल हुए थे या नहीं, और प्रक्रिया में कहां लापरवाही या गड़बड़ी हुई है।
गड़बड़ी की शिकायत पर सीडीओ ने डीडीओ को सौंपी जांच, 369 जोड़ों को देने होंगे साक्ष्य
जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिन 369 जोड़ों का बायोमेट्रिक नहीं हो पाया, उन्हें विवाह समारोह में शामिल किया गया था। अब संबंधित खंड विकास अधिकारियों से इन सभी जोड़ों के प्रमाणित दस्तावेज मांगे गए हैं। दस्तावेजों के सत्यापन के बाद शासन स्तर पर इन 369 जोड़ों के लिए अलग से अनुदान राशि का बजट प्रस्ताव तैयार कर भेजा जाएगा। फिलहाल जांच रिपोर्ट आने तक मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत अनुदान वितरण रोक दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहायता प्रदान करना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
