शंकराचार्य विवाद को लेकर सुलतानपुर में कांग्रेस का धरना : कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन, दोषी अधिकारियों के निलंबन की मांग
सुलतानपुर, अमृत विचारः प्रयागराज के माघ मेले में ज्योतिपीठ जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ प्रशासन द्वारा कथित मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना को लेकर जिले की सियासत गरमा गई है। बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों ने जुलूस निकालते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरना दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस के नि. राष्ट्रीय मीडिया कोऑर्डिनेटर राजेश तिवारी ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य का अपमान केवल एक संत का नहीं, बल्कि पूरे सनातन धर्म का अपमान है। राजेश तिवारी ने आरोप लगाया कि धर्म के नाम पर सत्ता में आई सरकार अहंकार में आकंठ तक डूबी हुई है। उन्होंने कहा कि औरंगज़ेब के शासनकाल में भी शंकराचार्य को गंगा स्नान से नहीं रोका गया था, जबकि आज संतों के साथ आतंकियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है।
चेयरमैन प्रत्याशी रहे वरुण मिश्र ने कहा कि जब-जब संतों का अपमान हुआ है, तब-तब सत्ता का पतन हुआ है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि जगद्गुरु शंकराचार्य हिंदू धर्म के सर्वाेच्च धर्मगुरुओं में से हैं और उनके साथ मारपीट व अपमान यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार तानाशाही रवैया अपना रही है।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा सरकार में न तो धर्म सुरक्षित है और न ही धर्मगुरु। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि यदि दोषी अधिकारियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कांग्रेस कार्यालय से लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और बड़ा डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक जुलूस निकाला।
विरोध प्रदर्शन में सुब्रत सिंह सनी, ममनून आलम, आवेश अहमद, जफर खान, रणजीत सिंह सलूजा, राहुल त्रिपाठी, शरद श्रीवास्तव, श्रीमती राम कुमारी, मोहित तिवारी, देवेंद्र तिवारी, ओमप्रकाश दुबे, राहुल मिश्र, एजाजुद्दीन, राम लौट यादव आदि कांग्रेस नेता व पदाधिकारी शामिल रहे।
