बदायूं: लड़की को बहलाकर ले जाने पर 10 साल का कठोर कारावास
बदायूं, अमृत विचार। नाबालिग लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने और धमकाने के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट दिनेश तिवारी ने दोषी पाते हुए 10 साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की धनराशि पीड़िता को क्षतिपूर्ति रूप में देने का आदेश दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा ने कोतवाली बिल्सी पुलिस को तहरीर देकर बताया कि अक्टूबर 2015 में उनकी 16 साल की बेटी को उसके मोहल्ले में रहने वाला राकेश पुत्र नन्हें बहला फुसलाकर ले गया। बेटी की तलाश करने के बाद भी उसका कहीं पता नहीं चला। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करके उसकी तलाश शुरू की थी और बरामद कर लिया। लड़की ने बताया कि 6 अक्टूबर को उसकी मां ने सब्जी लेने के लिए उसे बाजार भेजा था।
रास्ते में राकेश मिला। उसने अपने पास बुलाया। कहा कि बाइपास पर सस्ती सब्जी मिलती है। वह बहाने से उसे बाइपास पर ले गया। जहां एक गाड़ी खड़ी थी। उसने लड़की को बहाने से गाड़ी में बैठाया और अलीगढ़ ले गया था। न्यायालय में राकेश पर नाबालिग लड़की को बहलाकर ले जाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। विशेष लोक अभियोजक अमोल जौहरी और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई गई है।
