KGMU: सपेरा समाज का अनोखा प्रदर्शन, केजीएमयू के सामने बजाई बीन, लगाया यह बड़ा आरोप

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) में विभिन्न कम वेतनमान के पदों पर कथित तौर पर बंग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों द्वारा नौकरी हड़पने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को अखिल भारतीय सपेरा महासभा ने केजीएमयू के सामने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने बीन वादन के जरिए प्रशासन को जगाने का प्रयास किया और कहा कि "केजीएमयू के अंदर छिपे सांपों को बाहर निकालना" ही उनका सांकेतिक संदेश है। शाम चार बजे केजीएमयू के सामने हुए प्रदर्शन में भारतीय सपेरा समाज के लोग शामिल हुए। सपेरा समाज के युवा कार्यकर्ता श्रीपति नाथ ने बताया कि लखनऊ के सरोजिनीनगर क्षेत्र में सदियों से रहने वाला सपेरा समाज आज भी रोजी-रोटी के लिए जूझ रहा है।

उनका कहना है कि जब स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, तब संविदा के समूह-घ पदों पर बांग्लादेशी और रोहिंग्या घुसपैठियों की नियुक्ति की जा रही है। अखिल भारतीय सपेरा महासभा ने आरोप लगाया कि संविदा भर्तियों में अनियमितता कर ऐसे लोगों को रोजगार दिलाने का प्रयास किया जा रहा है, जिनका कोई स्थानीय आधार नहीं है। 

महासभा का कहना है कि यह कृत्य केवल सपेरा समाज ही नहीं, बल्कि उन सभी गरीब और बेरोजगार वर्गों के साथ अन्याय है, जो इन नौकरियों के लिए पात्र और आकांक्षी हैं। प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते हुए गेट के सामने से हटाया।

 हालांकि, केजीएमयू के सामने ही प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से विरोध बीन बजाकर विरोध दर्ज कराया। संगठन ने सरकार से मांग की है कि केजीएमयू में संविदा नियुक्तियों की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। वहीं पूरे प्रदर्शन को लेकर विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रोफेसर केके सिंह ने बताया कि आज जो लोग प्रदर्शन करने आए थे, उनके पास ज्ञापन तक नहीं था।

 उन्हें यह नहीं मालूम था कि वह किस चीज के लिए प्रदर्शन करने आए हैं। ऐसे में प्रदर्शन का कोई औचित्त नहीं है। उन्होंने कहा कि हम लोगों ने सुरक्षा को लेकर के पुलिस भी बुलाई थी लेकिन पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। केजीएमयू की छवि धूमिल करने के आरोप में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।  

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