Magh Mela 2026 : प्रयागराज में बसंत पंचमी का महास्नान, 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान, प्रशासन ने कसी कमर

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Published By Muskan Dixit
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प्रयागराज: माघ मेले का चौथा प्रमुख स्नान पर्व आज 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी पर मनाया जा रहा है। त्रिवेणी संगम के पावन तट पर लाखों-करोड़ों श्रद्धालु ठंड और कोहरे की परवाह किए बिना आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, पंचमी तिथि गुरुवार रात 2:28 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 1:56 बजे तक रहेगी। इस पुण्य मुहूर्त में श्रद्धालु पीले वस्त्र, पीले अन्न और दान-पुण्य कर पुण्य अर्जित कर रहे हैं।

मेला प्रशासन के अनुसार, बसंत पंचमी, आगामी 25 जनवरी को अचला सप्तमी (पुत्र सप्तमी या भानु सप्तमी) और वीकेंड के चलते अगले तीन दिनों में कुल 3.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम स्नान कर सकते हैं। मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी सबसे बड़ा स्नान पर्व माना जाता है, जहां भीड़ का दबाव चरम पर रहता है। मेला क्षेत्र में 3.5 किमी लंबाई वाले 24 घाट पूरी तरह तैयार हैं, जहां सफाई, निर्मल जल और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

भीड़ प्रबंधन और पांटून पुलों की खास व्यवस्था

प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से घुमाने के लिए पांटून पुलों पर विशेष योजना बनाई है:  
- परेड से झूसी जाने के लिए पांटून पुल नंबर 3, 5 और 7।  
- झूसी से परेड आने के लिए पांटून पुल नंबर 4 और 6।  
- आपातकाल के लिए पुल नंबर 1 और 2 पर भारी पुलिस बल तैनात।  

ट्रैफिक डायवर्जन प्लान जारी

मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, घाट सुरक्षा और निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। माघ मेले से जुड़े वाहनों को छोड़कर अन्य भारी और हल्के वाहनों को प्रयागराज जिले की सीमा पर ही वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जा रहा है। सबसे महत्वपूर्ण: बसंत पंचमी पर नया यमुना पुल पूरी तरह बंद रहेगा, आवागमन केवल पुराने पुल से संभव होगा।

यह पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा और वसंत ऋतु की शुरुआत का भी उत्सव है। प्रशासन की कड़ी मेहनत से यह महास्नान सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो रहा है। 

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