सीएम योगी के समर्थन में अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने दिया इस्तीफा : अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- 'ये अधिकारी चापलूसी कर रहा'

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ/अय़ोध्या। अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में अपना इस्तीफ सौंप दिया है। इस पर सीएम योगी के पक्ष में इस्तीफा देने वाले जीएसटी के डिप्टी कमिश्नर को शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने चापलूस बताया।

शंकराचार्य ने कहा कि यह अधिकारी चापलूसी कर रहा है। इस अधिकारी का इस्तीफा भी तत्काल प्रभाव से मंजूर किया जाए नहीं तो हम समझेंगे कि ये इनके बीच का है। शंकराचार्य ने कहा कि मैंने किसी के बारे में बुरा नहीं कहा यूजीसी को लेकर भी बोले कि ये फैसला विभाजित करने वाला है।

बता दें कि प्रशांत कुमार सिंह ने अपना दो पन्नों का इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है। अपने बयान में प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में यह कदम उठा रहे हैं। उनका कहना है कि शंकराचार्य द्वारा सीएम योगी पर की गई अभद्र टिप्पणी से वह गहरे आहत थे।

 प्रशांत कुमार सिंह ने कहा, 'जिस प्रदेश का नमक खाता हूं, जिस प्रदेश से मुझे सैलरी मिलती है, मैं उसका पक्षधर हूंष सीएम योगी लोकतांत्रिक तरीके से चुने हुए मुख्यमंत्री हैं, उनका अपमान मैं बर्दाश्त नहीं कर सकता।' उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से वह मानसिक रूप से व्यथित थे। साथ ही कहा कि जब उनका इस्तीफा मंजूर हो जाएगा तो वह अपने निजी संसाधनों से सामाजिक कार्यों में जुट जाएंगे।

बता दें प्रशांत सिंह ने अपने पत्र में लिखा, कि प्रयागराज में उत्तर प्रदेश सरकार व सरकार के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा किये गये अभद्र टिप्पणी से मैं आहत हूं। क्योंकि मैं उत्तर प्रदेश राज्य का एक साधारण कर्मचारी हूं। उत्तर प्रदेश सरकार से हमें आजीविका प्राप्त है। 

उस आजीविका से मेरे परिवार का लालन पालन होता है तो मेरा राजकीय धर्म है कि अपने प्रदेश सरकार व सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध यदि कोई अनर्गल प्रलाप होता है तो उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी नियमावली का पालन करते हुए उसका विरोध किया जाये।

मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य द्वारा किये गये अभद्र टिप्पणी को राज्य, संविधान व लोकतंत्र के विरुद्ध मानता हूं। अतः ऐसी स्थिति में सरकार के पक्ष में और अविमुक्तेश्वरानन्द शंकराचार्य के विरोध में मैं अपना त्यागपत्र दे रहा हूं।

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