आज़मगढ़ हत्याकांड : एक ही परिवार के 5 सदस्यों को आजीवन कारावास की सजा, साक्ष्यों के अभाव में 1 आरोपी बरी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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आजमगढ़। जिले की एक अदालत ने हत्या के एक मामले में एक ही परिवार के पांच सदस्यों को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जबकि साक्ष्यों के अभाव में एक आरोपी को बरी कर दिया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने सुनवाई पूरी होने के बाद यह फैसला सुनाया। 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला जहानगंज थाना क्षेत्र के बड़ौदा खुर्द गांव के निवासी शिकायतकर्ता राजेश कुमार और आरोपी राजकुमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे जमीन विवाद से जुड़ा है। तीन जनवरी 2023 को राजकुमार और उसके तीन बेटों-दीपक उर्फ अमित, मनीष उर्फ डंपी और सतीश उर्फ पंपी व उसकी पत्नी आशा और एक रिश्तेदार अलका लाठी और कुल्हाड़ी से लैस होकर सुबह राजेश के घर में घुस गए। 

हमलावरों ने राजेश, उसकी पत्नी कौशल्या, उसके एक रिश्तेदार राकेश और राकेश की पत्नी बबीता पर हमला किया। हमले में लगी चोटों के कारण कौशल्या की मौके पर ही मौत हो गई। जांच के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। 

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने राजकुमार, उसके तीन बेटों और उसकी पत्नी आशा को दोषी ठहराया और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा प्रत्येक पर 61,500 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने पर्याप्त सबूतों के अभाव में अलका को बरी कर दिया। 

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