बिजली कनेक्शन न देने पर जेई को नोटिस, दो सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
आवेदन निरस्त होने के बाद आवेदक को ऑफिस बुलाने पहुंचे कर्मचारी
लखनऊ, अमृत विचार: बिजनौर के सरवननगर निवासी और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी राजेश कुमार को अब तक बिजली कनेक्शन न देने के मामले में संबंधित जूनियर इंजीनियर रविंद्र सिंह को नोटिस जारी किया गया है। मालूम हो कि ये नोटिस उस सहायक अभियंता ने जारी की, जिस पर तय समय में खुद कनेक्शन देने की जिम्मेदारी थी। जेई से स्पष्टीकरण मांगा है कि निर्धारित समय के बावजूद राजेश कुमार को कनेक्शन क्यों नहीं दिया गया।
इस बीच, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक योगेश कुमार ने पूरे प्रकरण को गंभीर मानते हुए जांच के आदेश दिए हैं। जांच के लिए अधीक्षण अभियंता योगेंद्र कुमार सिंह और अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र वाली की दो सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी न केवल राजेश कुमार, बल्कि अन्य ऐसे आवेदकों के मामलों की भी जांच करेगी, जिन्हें समय पर बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया। राजेश कुमार के अनुसार शुक्रवार दोपहर दो कर्मचारी उनके घर पहुंचे और कनेक्शन से जुड़े दस्तावेजों के साथ उन्हें इंद्रलोक हाइडिल कॉलोनी स्थित कार्यालय बुलाने लगे। बाद में पता चला कि झटपट पोर्टल के माध्यम से किया गया उनका आवेदन निरस्त कर दिया गया है, जबकि विभाग की ओर से इसकी कोई जानकारी उन्हें पहले नहीं दी गई थी।
पहले भी जारी हो चुका है नोटिस
यह पहला मामला नहीं है जब जेई रविंद्र सिंह पर लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले 20 जनवरी को भी उन्हें नोटिस जारी किया गया था। उस समय नूतन मिश्रा को एक किलोवाट का कनेक्शन समय पर न देने का मामला सामने आया था। नूतन मिश्रा ने 26 दिसंबर-25 को झटपट पोर्टल पर आवेदन किया था, लेकिन इसके बावजूद कनेक्शन जारी नहीं हुआ। उपभोक्ताओं के अनुसार ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होने से लापरवाह कर्मचारियों का मनोबल बढ़ा है। आवेदकों को कनेक्शन दिलाने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी निष्क्रियता के चलते आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।अब निगाहें गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह साफ हो सके कि कनेक्शन न दिए जाने में किस स्तर पर लापरवाही हुई और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
