अंतिम चरण में संग्रहालय कार्य... म्यूजियम में दिखेंगे राम मंदिर के साक्ष्य, संघर्ष के इतिहास

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

अयोध्या, अमृत विचार। सरयू तट स्थित निर्माणाधीन अंतर्राष्ट्रीय श्रीराम कथा संग्रहालय में आने वाले पर्यटक राम मंदिर के प्राचीन इतिहास से भी रू-ब-रू होंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मभूमि पर 1528 में मंदिर को तोड़े जाने के संबंध में खोदाई से प्राप्त अवशेषों के दर्शन कराए जाने के साथ और उस स्थान के बारे भी सचित्र जानकारी भी दी जाएगी।

राम जन्मभूमि पर निर्माण का कार्य संपन्न होने के बाद राम मंदिर से जुड़े साक्ष्य, संघर्ष, फैसला और निर्माण की गाथा अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शित की जाएगी। इसके लिए ट्रस्ट पुरानी फोटो और दस्तावेजों को जुटा रहा है। वहीं दूसरी ओर संग्रहालय में सिविल कार्य अंतिम चरण में चल रहा हैं। इसके बाद आधुनिक तकनीक पर 20 की संख्या में विभिन्न तरह के म्यूजियम को तैयार किया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में मंदिर स्थल पर खोदाई के दौरान मिली मूर्तियां और कलाकृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। और इस आंदोलन की कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का भी विवरण प्रस्तुत करने के लिए एक विशेष प्रकोष्ठ भी बनाया जाएगा। जिसमें अलग-अलग खंड होंगे। एक खंड में खुदाई और निर्माण कार्य के दौरान मिली वस्तुएं होंगी। दूसरे खंड में 500 वर्षों से अधिक की कानूनी, राजनीतिक और धार्मिक यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया जाएगा।

अंतर्राष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय के निदेशक संजीव सिंह बताते हैं कि इंप्रूव फॉर्मेट में कुछ चीजों की रखा गया है। कहा कि इस म्यूजियम को विश्व के श्रेष्ठतम तकनीकी की परिदृश्य बने ऐसा प्रयास है। जिस पर पूरी टीम काम कर रही है। संग्रहालय में सिविल कार्य भी अंतिम चरण में है। जल्द ही आधुनिक म्यूजियम को तैयार किए जाने पर अंतिम निर्णय ले लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि 2003 में कोर्ट के आदेश के बाद परिसर में की गई खोदाई स्थल के भी पूरे चित्र प्राप्त हुए हैं। जिसे लोगों की जानकारी के लिए दिखाया जायेगा।


ये भी पढ़ें :
बाराबंकी में पीएम-अजय प्रशिक्षण की शुरआत, समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजना का लाभ पहचाना लक्ष्य

 

संबंधित समाचार