बाराबंकी : एनआईए, एटीएस, एसटीएफ की छापेमारी, संदिग्ध का खंगाला घर, तीन से पूछताछ जारी
बाराबंकी, अमृत विचार। मंगलवार की सुबह एनआईए, एटीएस व एसटीएफ की टीमें बाराबंकी आ धमकी। यह सभी हिन्द अस्पताल से एक युवक को उठाने के बाद बदोसरांय थाना क्षेत्र के खोर एत्मादपुर गांव पहुंचे और जहां युवक के घर को खंगाल डाला। सघन तलाशी के बाद कुछ न मिलने पर टीम लौट गई, वहीं इस गांव के ही दो युवकों को भी हिरासत में लिया है। कार्रवाई की खबर फैली तो हर तरफ चर्चा होनी लगी। सूत्रों के अनुसार इन सभी की संलिप्तता देशविराेधी गतिविधियों में पाई गई है।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की 15 सदस्यीय संयुक्त टीम मंगलवार की सुबह बदोसरांय थाना क्षेत्र के खोर एत्मादपुर गांव पहुंच गई। यहां पर टीमों ने रामलखन नामक युवक जो हिन्द अस्पताल से उठाया गया था, के साथ घर के भीतर जाकर सघन तलाशी ली। इसके लिए टीमों ने अत्याधुनिक मशीनों का इस्तेमाल किया।
एक साथ कई सारे वाहन व संसाधनों के साथ की गई इस छापेमारी को लेकर गांव में हड़कंप मच गया और ग्रामीण वास्तविक मामला जानने की कोशिश में जुट गए, हालांकि सभी को इस कार्रवाई से दूर रखा गया। टीम के यहां से जाने के बाद संदिग्ध रामलखन के छोटे भाई शिवम ने बताया कि उनकी मां का ऑपरेशन सफेदाबाद स्थित हिंद अस्पताल में हुआ है और रामलखन वहीं मौजूद था। जहां से टीम सुबह करीब साढ़े 8 बजे उसे हिरासत में लेकर आई।
शिवम के अनुसार, टीम ने करीब एक घंटे तक घर की तलाशी ली, लेकिन कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई। साथ ही बताया कि रामलखन खेती के साथ-साथ अन्य प्रांतों में मजदूरी का काम भी करता है। बताया जा रहा कि यह कार्रवाई संदिग्ध युवक के कथित देशविरोधी या आतंकी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका के आधार पर की गई है। टीम के साथ स्थानीय पुलिस भी मौजूद रही, हालांकि पुलिस इस बारे में किसी जानकारी से बचती नजर आई।
जांच में गतिविधियां संदिग्ध, रडार पर तीन चेहरे
सिरौलीगौसपुर: थाना क्षेत्र के ग्राम खोर एत्मादपुर के रहने वाले रामलखन पासी के अलावा इसी गांव के शेष नारायण मिश्रा और आदित्य तिवारी नाम के युवक भी टीमों के रडार पर आ गये। जिसके बाद टीमें इन्हें साथ लेकर चली गई। सूत्रों के अनुसार आदित्य को टीम ने लखनऊ में दबोचा है। उधर परिजन भले ही बता रहे कि रामलखन मजदूरी करता है पर सूत्रों के हवाले से पता चला कि वह लंबे समय तक जम्मू में रहने के बाद दिल्ली रुका फिर बीमार मां को देखने बाराबंकी आ गया। जिसकी गतिविधियां संदिग्ध देखी जा रही थीं।
एक ग्रामीण ने बताया कि रामलखन व शेषनारायण मोबाइल पर बात करने गांव से बाहर जाते फिर घंटों बाद वापस लौटते थे। वहीं चर्चा यह भी है कि यह सभी नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का गिरोह चला रहे थे और इनके संपर्क देश के बाहर भी थे। टीमें तीनों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। आधिकारिक तौर पर कुछ कहना मुश्किल है लेकिन एनआईए, एटीएस जैसी एजेंसियों का इस तरह छापेमारी करना मामूली बात नही है। वहीं इस छापेमारी को लेकर चर्चा गांव से लेकर जिला मुख्यालय तक होती रही।
पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि केन्द्रीय जांच एजेंसियों ने कार्रवाई की है। यह कार्रवाई किस प्रकरण को लेकर है, इसकी जानकारी नहीं है।
