श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर : महाशिवरात्रि पर्व पर पूजा और आरती का समय, श्रद्धालुओं को मिलेगा झांकी दर्शन
वाराणसी। महाशिवरात्रि का महापर्व 15 फरवरी को पूरे देश में मनाया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास ने बुधवार को बाबा विश्वनाथ के चारों प्रहर की आरती का समय जारी कर दिया है। बाबा की मंगला आरती प्रातः 2:15 बजे पूजा आरम्भ होने के साथ होगी तथा प्रातः 3:15 बजे आरती समाप्त होगी। इसके बाद प्रातः 3:30 बजे मंदिर दर्शनार्थियों के लिए खुलेगा।
मध्याह्न भोग आरती प्रातः 11:40 बजे पूजा के साथ आरम्भ होगी तथा मध्याह्न 12:20 बजे पूजा समाप्त होगी। मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा ने बताया कि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के लिए इन समयों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। चारों प्रहर की आरती में क्रमशः प्रथम प्रहर में रात्रि 9:30 बजे शंख बजेगा तथा पूजा की तैयारी होगी। इस दौरान झांकी दर्शन सतत् चलता रहेगा।
रात्रि 10:00 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 12:30 बजे समाप्त होगी। द्वितीय प्रहर में रात्रि 1:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर रात्रि 2:30 बजे समाप्त होगी तथा झांकी दर्शन चलता रहेगा। तृतीय प्रहर में प्रातः 3:30 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 4:30 बजे समाप्त होगी तथा बाबा का झांकी दर्शन श्रद्धालुओं को होता रहेगा। चतुर्थ प्रहर में प्रातः 5:00 बजे से आरती प्रारम्भ होकर प्रातः 6:15 बजे समाप्त होगी तथा इस दौरान झांकी दर्शन चलता रहेगा।
वहीं, शहर के विभिन्न शिवालयों से इसी दिन शिव बारात भी निकाली जाती है। तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर से निकलने वाली भव्य शिव बारात को देखने देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आते हैं। शाम को मैदागिन से शिव बारात निकलती है, जिसमें विभिन्न प्रकार की झाँकियाँ निकाली जाती हैं। इस दौरान काशी की सड़कों पर विहंगम दृश्य देखने को मिलता है।
