योगी सरकार की बड़ी पहल : 7500 गोशालाएं बनेंगी कैटल फूड सिक्योरिटी हब, हर गोशाला से जुड़ेंगे 50 से 100 किसान
लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश की गोशालाओं को अब केवल गोवंश संरक्षण तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें कैटल फूड सिक्योरिटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। योगी सरकार की इस पहल के तहत प्रदेश की करीब 7500 गोशालाओं और आसपास के क्षेत्रों को हरा चारा उत्पादन के मजबूत केंद्र में बदला जाएगा।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार “मिशन फॉडर” के तहत हर गोशाला को 50 से 100 किसानों के नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इससे चारा उत्पादन, आपूर्ति और विपणन की संगठित व्यवस्था बनेगी। किसान हरा चारा उगाकर अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकेंगे, वहीं गोशालाओं को नियमित और पौष्टिक चारा उपलब्ध होगा।
योजना के तहत गोशालाओं की उपलब्ध भूमि पर बड़े पैमाने पर सहजन (मोरिंगा) और नेपियर घास लगाई जाएगी। इसके अलावा गन्ना घास, सुबबूल, ढैंचा, मक्का, ज्वार, बाजरा और बरसीम जैसे मौसमी चारे भी उगाए जाएंगे। सहजन पौधे 12–15 साल तक और नेपियर घास 7–8 साल तक लगातार हरा चारा उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे चारे की स्थायी व्यवस्था बनेगी और लागत घटेगी।
मिशन फॉडर की मुख्य बातें
• प्रदेश की 7500 गोशालाएं बनेंगी कैटल फूड सिक्योरिटी हब
• हर गोशाला से जुड़ेंगे 50–100 किसान
• सहजन और नेपियर घास का बड़े पैमाने पर रोपण
• मौसमी चारे: मक्का, ज्वार, बाजरा, बरसीम, लोबिया आदि
• गोवंश को नियमित हरा चारा, दुग्ध उत्पादन में सुधार
• किसानों की आय और ग्रामीण रोजगार के नए अवसर
• गोशालाओं की लागत घटेगी, आत्मनिर्भर मॉडल विकसित होगा
