बालिका शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए टीम भावना जरूरी : बीएसए
प्रगति, स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव का आयोजन
बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद स्तरीय ‘प्रगति, स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0’ बाल उत्सव का आयोजन मंगलवार को राजकीय इंटर कॉलेज के ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक एवं सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राम लाल द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया।
इस अवसर पर डीसी बालिका शिक्षा पुनीत मणि त्रिपाठी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी का बुके भेंट कर स्वागत किया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार पाठक ने विभागीय नवाचारों एवं शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि बालिका शिक्षा को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है।
उन्होंने जनपद से चयनित बच्चों को मंडल और प्रदेश स्तर पर श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में जनपद के 15 विकास खंडों के बालिका नोडल तथा ब्लॉक स्तर से चयनित 60 बच्चों ने प्रतिभाग किया। बच्चों के लिए ‘मेरे बदलाव की कहानी’ एवं कॉमिक्स बुक आधारित कहानी प्रतियोगिता आयोजित की गई। जनपद स्तर से चयनित 5-5 बच्चों को मंडल स्तर पर प्रतिभाग के लिए भेजा जाएगा।
‘मेरे बदलाव की कहानी’ में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय फतेहपुर की पायल, रिमजा, स्वाती, मोहित और गौरी सिंह का चयन हुआ। पोस्टर प्रतियोगिता में शिवि, लक्ष्मी, रिया और निशा चयनित हुईं। प्रतिभागी बच्चों ने मीना मंच कार्यक्रम के अंतर्गत बालिका सशक्तिकरण से जुड़े अपने अनुभव प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। सभी विजेता छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र त्रिपाठी एवं सुभाष तिवारी ने किया। कार्यक्रम में बीईओ चंद्र शेखर यादव, नंदन पाण्डेय, पुनीत श्रीवास्तव सहित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की टीम एवं विभिन्न विकास खंडों से आए शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

कानूनी जागरूकता बढ़ाने को हुआ नुक्कड़ नाटक
श्री रामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज के लीगल एड सेल ने मंगलवार को विश्वविद्यालय परिसर स्थित 'अपनी पाठशाला' में बच्चों के लिए कानूनी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया, जिसका विषय 'गुड टच एवं बैड टच के प्रति जागरूकता' था। कार्यक्रम का उद्देश्य 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा और अनुचित शारीरिक स्पर्श की पहचान के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम को विश्वविद्यालय के चांसलर इंजीनियर पंकज अग्रवाल, प्रो-चांसलर पूजा अग्रवाल और कुलपति कर्नल डॉ. विजय तिवारी का मार्गदर्शन और शुभाशीष प्राप्त हुआ। अध्यक्षता प्रो. (डॉ.) नरेंद्र बहादुर सिंह, निदेशक, इंस्टिट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज़ ने की। कार्यक्रम का सफल संचालन समन्वयक डॉ. महेंद्र कुमार एवं सह-समन्वयक के. पी. सिंह ने किया। कार्यक्रम में डॉ. श्रुति शर्मा, डॉ. पी. सी. मिश्रा एवं डॉ. शशांक की भी उपस्थिति रही। नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति और संचालन में विधि विभाग के विद्यार्थियों प्रेसिडेंट आवंशिका सिंह, सूरज गुप्ता, विवेक गुप्ता, सुधाकर, शिवम, अनिरुद्ध, श्रुति, कंदबरी पटेल, आयुषी, कृतिका, अभिनव और अन्य छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिससे बच्चों में जागरूकता और उत्साह देखा गया।
