‘कयामत तक बाबरी नहीं बन पाएगी’, सीएम योगी बोले- रामद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं बची
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि 'कयामत' का दिन कभी नहीं आने वाला है और इसलिए बाबरी ढांचा भी कभी दोबारा नहीं बनेगा। आदित्यनाथ ने बाराबंकी में एक कार्यक्रम में कहा, "हमने कहा था कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे'। मंदिर बन गया है। क्या कोई शक है?" उन्होंने कहा, " 'कयामत' का दिन कभी आना ही नहीं है और इसलिए बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण भी कभी होना ही नहीं है। जो लोग कयामत के दिन के आने का सपना देख रहे हैं, वे ऐसे ही सड़-गल जाएंगे। कभी वह वक्त नहीं आने वाला है।"
श्रीराम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मामले में उच्चतम न्यायालय ने नौ नवंबर 2019 को फैसला देते हुए अयोध्या में विवादित स्थल पर राम मंदिर का निर्माण करने और मुसलमानों को मस्जिद के निर्माण के लिए अयोध्या में किसी प्रमुख स्थान पर पांच एकड़ जमीन देने का आदेश दिया था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का नेतृत्व किया था। व
वहीं, दूसरी ओर मुस्लिम पक्ष को अयोध्या के धन्नीपुर गांव में दी गई पांच एकड़ की जमीन पर अभी तक कोई भी निर्माण नहीं हो सका है। आदित्यनाथ ने हिंद केसरी स्वर्गीय महंत बाबा हरिशंकर दास जी महाराज की याद में दुलहदेपुर कुटी स्थित श्रीराम जानकी मंदिर में आयोजित दशम श्री हनुमान विराट महायज्ञ और श्री रामार्चा पूजन में हिस्सा लिया।
रामद्रोहियों के लिए अब कोई जगह नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा, "अयोध्या में 500 वर्षों के बाद वह गौरवशाली क्षण (राम मंदिर का निर्माण) हमारे सामने आया। इन 500 वर्षों में अनेक राजा-महाराजा आये, अनेक सरकारें आयीं। वर्ष 1947 में भारत आजाद हुआ और 1952 में पहले चुनाव के बाद सरकारें बनती गईं मगर अयोध्या में भगवान राम का उनकी जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण कराने की बात आखिर उनके मन में क्यों नहीं आई।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा, "कुछ लोग हैं जो अवसरवादी रवैया अपनाते हैं। जब संकट आता है तब राम याद आते हैं और बाकी समय राम को भूल जाते हैं इसलिए भगवान राम भी अब उनको भूल चुके हैं। अब उनकी नैया कभी पार नहीं होगी, यानी रामद्रोहियों के लिए अब कोई जगह नहीं है।"
आदित्यनाथ ने कहा, "जो लोग राम भक्तों पर गोलियां चला रहे थे, रामकाज में बाधक थे और जो लोग अभी सपना देख रहे हैं बाबरी ढांचे का, उनको हम बता देना चाहते हैं कि कयामत का दिन कभी नहीं आने वाला है।" उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि अगर कोई कानून तोड़ता है, तो उसका रास्ता सिर्फ नर्क की ओर जाता है। अगर कोई कानून तोड़कर स्वर्ग जाने का सपना देखता है, तो यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हर संत की साधना उसके देश और उसके धर्म के लिए होती है और धर्म भी देश के लिए समर्पित होता है। दोनों एक-दूसरे के पूरक के रूप में काम करते हैं। उन्हें अलग नहीं किया जा सकता। एक शरीर है और दूसरा आत्मा, दोनों को अलग नहीं रखा जा सकता।''
भारत और सनातन एक दूसरे के पूरक हैं
उन्होंने कहा, ''भारत और सनातन एक दूसरे के पूरक हैं। उन्हें अलग नहीं रखा जा सकता। इसीलिए आप देख रहे होंगे कि सनातन धर्म, भारत और भारतीयता पर पूरी दुनिया से हमले हो रहे हैं। हमें अंदर और बाहर से होने वाले हमलों से सावधान रहना होगा। क्योंकि, जिन्हें भारत की तरक्की और विकास पसंद नहीं है, और जो विकसित भारत के संकल्प को पचा नहीं पा रहे हैं वे एक साजिश में लगे हुए हैं।'' आदित्यनाथ ने कहा, ''कुछ लोग साजिश कर रहे हैं। कुछ साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ खुद को बेचकर उस साजिश के लिए काम कर रहे हैं। हमें इन तीन तरह की बुरी सोच वालों को रोकने के लिए खुद को तैयार करना होगा।''
