लखनऊ: ठंड में जूता व वर्दी को तरसे रोडवेज बस कार्यशाला कर्मी
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के रोडवेज अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि ठंड शुरू हो गई पर बसों की मरम्मत करने वाले कार्यशाला कर्मियों को ठंड से बचाने एक जोड़ी जूता नहीं दे सके। जबकि जूता के लिए नाप दो महीने पहले मंगा लिए गए थे। लखनऊ समेत प्रदेश भर …
लखनऊ, अमृत विचार। राज्य सड़क परिवहन निगम के रोडवेज अधिकारियों की लापरवाही का आलम यह है कि ठंड शुरू हो गई पर बसों की मरम्मत करने वाले कार्यशाला कर्मियों को ठंड से बचाने एक जोड़ी जूता नहीं दे सके। जबकि जूता के लिए नाप दो महीने पहले मंगा लिए गए थे। लखनऊ समेत प्रदेश भर के ऐसे करीब 2300 वर्कशाप कर्मचारी एक जोड़ी जूता वर्दी पाने के तरस गए है।
पूर्व एमडी रहे राजशेखर ने रोडवेज चालक,परिचालक समेत वर्कशाप कर्मियों को ठंड से बचने के लिए जूता देने की घोषणा की थी। बीते सितंबर महीने में सबसे पहले वर्कशाप कर्मियों को जूता देने के लिए नाप मांगा गया। तब से वर्कशाप कर्मी जूता पाने के इंतजार में हैं। ये जूता क्षेत्रीय प्रबंधकों को जेम पोर्टल से खरीदना था। जिसकी कीमत साढ़े सात सौ रुपये तय की गई थी। बावजूद क्षेत्रीय अधिकारी अपने कर्मियों के प्रति लापरवाह बने हुए हैं। और रोडवेज कर्मचारी इस ठंड में ठिठुरने को बाध्य हैं।
प्रबंध निदेशक ने जताई नाराजगी
क्षेत्रीय प्रबंधकों की इस लापरवाही पर प्रबंध निदेशक धीरज साहू ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं हो सकता। जिम्मेदार अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा कि समय रहते रोडवेज कर्मचारियों को वर्दी जूता क्यो नहीं उपलब्ध कराया गया ।
