बरेली: धरती बनी बिछौना, खुले आसमान के नीचे ही पड़ रहा सोना
अमृत विचार, बरेली। धरती उनका बिछौना है और वे खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं। सर्द रातों में बरेली की सड़कों के किनारे फुटपाथ पर रात गुजारने वाले बेघर और असहाय लोग प्रशासन के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। इन लोगों को न तो रैन बसेरों …
अमृत विचार, बरेली। धरती उनका बिछौना है और वे खुले आसमान के नीचे कड़ाके की ठंड में रात गुजारने को मजबूर हैं। सर्द रातों में बरेली की सड़कों के किनारे फुटपाथ पर रात गुजारने वाले बेघर और असहाय लोग प्रशासन के दावों की हकीकत बयां कर रहे हैं। इन लोगों को न तो रैन बसेरों में जगह मिल पा रही है और न ही इन्हें ठंड से बचाने के लिए अलाव की व्यवस्था की जा रही है।
फिलहाल तो शहर में ठंड से किसी की मौत नहीं हुई है लेकिन शायद विभागीय अधिकारी किसी बेबस की मौत के बाद ही जागेंगे। जिले के अधिकारियों ने तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को भी हवा में उड़ा दिया है। वहीं जिला पुलिस भी सर्द रातों में दुबक जा रही है। दैनिक ‘अमृत विचार’ ने शनिवार और रविवार की रात में शहर में ठंड और सुरक्षा के हालातों का जायजा लिया तो सारी हकीकत सामने आ गई।
समय : रात 10:43 बजे
स्थान : सैटेलाइट बस स्टैंड
सैटेलाइट चौराहे पर पीलीभीत रोड की तरफ बने बस स्टैंड पर कुछ लोग सो रहे थे। ऊपर से स्टैंड की हल्की छत तो थी लेकिन तीन तरफ से ठंडी हवा आ रही थी। जिसकी वजह से वह लोग ठिठुर रहे थे जबकि यहां से कुछ दूरी पर रैन बसेरा भी था। रैन बसेरे में सिर्फ 20 बिस्तर ही लगाए गए थे। रैन बसेरे वाले से पूछा तो बताया कि बाकी लोगों को मजबूरी में वापस भेजना पड़ता है। इसी तरह से पास के स्टैंड पर भी हालात थे।
समय : रात 11 बजे
स्थान : बियावान कोठी
दिन के समय व्यस्त रहने वाली सड़क पर रात 11 बजते ही पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। इक्का-दुक्का वाहन ही नजर आ रहे थे। कभी यहां पुलिस की पीआरवी तैनात होती थी लेकिन रात में कोई भी नजर नहीं आया। कोई भी गश्त भी नहीं हो रही थी। गांधी उद्यान से आगे भी इसी तरह के हालात थे।
समय : रात 11:10 बजे
स्थान : चौकी चौराहा
चौकी चौराहे पर पूरी तरह से सन्नाटा पसरा हुआ था। रात के अंधेरे में एक-दो वाहन गुजर रहे थे। चौकी में पूरी तरह से सन्नाटा था। अंदर जाकर देखा तो एक चौकीदार नजर आया। उससे पूछा कि चौकी में कोई है नहीं। इस पर जवाब मिला कि चीता मोबाइल वाले हैं लेकिन नजर कोई नहीं आया।
समय : रात 11:20 बजे
स्थान : मालगोदाम रोड
ट्रैफिक पुलिस ने मालगोदाम रोड के जरिए ही चौपुला पर रूट डायवर्जन किया है लेकिन इस सड़क पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। रात में पूरी तरह से सड़क पर अंधेरा था। जब कोई वाहन गुजर रहा था तभी कुछ नजर आ रहा था। अंधेरे में निकलने से डर लग रहा था क्योंकि इस सड़क पर पहले भी लूट की वारदातें हो चुकी हैं।
समय : रात 11:47 बजे
स्थान : सैटेलाइट-श्यामगंज रोड
सैटेलाइट से श्यामगंज रोड पर भी सन्नाटा था। एक होटल के बाहर कुछ लोग नजर आ रहे थे। मुख्य सड़क होने के बावजूद कोई भी नजर नहीं आ रहा था। पुलिस भी कहीं नजर नहीं आयी। सड़क भी जगह-जगह उखड़ी पड़ी है। मुख्य सड़क होने के बावजूद सुरक्षा के कोई इंतजाम न होने से कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
समय : रात 11:50 बजे
स्थान : ईसाइयों की पुलिया
ईसाइयों की पुलिया से कुछ दूरी पर बीच डिवाइडर पर एक शख्स सो रहा था। उसने सिर्फ खंभे की ओट ले रखी थी। एक-दो आवाज देने के बाद कोई हलचल नहीं हुई। वह जिस जगह सो रहा था वहां से नींद में कहीं डिवाइडर से नीचे गिर जाए तो चोटिल होना तय है। इसके अलावा उसी दौरान कोई वाहन गुजर जाए तो जान भी जा सकती है।
