बरेली: ओवरब्रिज और पार्कों की दीवारों पर खपा रहे लाखों रुपये
अमृत विचार, बरेली। शहर के ओवरब्रिज, सरकारी भवन और पार्कों की दीवारों पर पेंटिंग कराकर अधिकारी मोटा बजट खपा रहे हैं। दीवारों पर महत्वपूर्ण योजनाओं, कोविड काल में बचाव रखने संबंधी बातें, स्वच्छ भारत मिशन समेत अन्य बड़े अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए चित्र सहित संदेश लिखी पेंटिंग बनवाई जा रही …
अमृत विचार, बरेली। शहर के ओवरब्रिज, सरकारी भवन और पार्कों की दीवारों पर पेंटिंग कराकर अधिकारी मोटा बजट खपा रहे हैं। दीवारों पर महत्वपूर्ण योजनाओं, कोविड काल में बचाव रखने संबंधी बातें, स्वच्छ भारत मिशन समेत अन्य बड़े अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए चित्र सहित संदेश लिखी पेंटिंग बनवाई जा रही हैं।
सालभर में ओवरब्रिज और पार्कों की दीवारें कई बार रंग-रूप बदल ले रही हैं। इसमें सबसे बड़ा खेल यह हो रहा है कि अधिकारी सफेद पेंट से पहले दीवारों की पुताई कराते हैं और बाद में उसके ऊपर चित्र सहित संदेश लिखते हुए पेंटिंग बनवा देते हैं। इसमें ज्यादा धन खर्च नहीं होता है।
सस्ते में मजदूर भी मिल जाते हैं और पेंट भी कम लगता है जबकि अधिकारी योजना के प्रचार-प्रसार में पेंटिंग कराने के नाम पर लाखों रुपये खर्च होना दिखा देते हैं। शहर के कुदेशिया पुल की बात करें तो इसकी दीवारें सालभर में तीन बार रंग बदल रही हैं। हार्टमैन और श्यामगंज पुल की दीवारों की पेंटिंग भी कई बार बदल चुकी है।
कल्याणकारी योजनाओं के संबंध में विकास भवन, स्वास्थ्य विभाग, महिला कल्याण विभाग ज्यादातर दीवारों पर पेंटिंग बनवा रहे हैं। मिशन शक्ति अभियान के तहत गांधी उद्यान पार्क की दीवारें भी रंगी हुई हैं। हाल ही में 300 बेड हॉस्पिटल की दीवार पर भी मिशन शक्ति, कोविड और स्वच्छ भारत मिशन का संदेश देने वाली पेंटिंग बनवाई गई हैं।
2 अक्टूबर, 2014 को स्वच्छ भारत मिशन लागू हुआ था। तब बरेली शहर के ओवरब्रिज, सरकारी भवन समेत अन्य प्रमुख स्थलों की दीवारें तक स्वच्छ भारत मिशन का संदेश देने वाली तस्वीरों की पेंटिंग से रंग गई थीं। उस वक्त बाल पेंटिंग का जो क्रेज शुरू हुआ, वह आज बढ़ता जा रहा है।
