महाशिवरात्रि 2026: भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए जरूर जपें ये शक्तिशाली मंत्र और श्लोक

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Published By Muskan Dixit
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लखनऊः महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का सबसे पवित्र और शक्तिशाली पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना का सर्वोत्तम अवसर प्रदान करता है। इस बार यह पावन त्योहार 15 फरवरी 2026, रविवार को मनाया जा रहा है। इस रात भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र चढ़ाते हैं और रात्रि जागरण करते हुए मंत्रों का जाप करते हैं। मान्यता है कि शिव के इन दिव्य मंत्रों और श्लोकों का जाप करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं, पाप नष्ट होते हैं और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

यहां हम आपके लिए महाशिवरात्रि पूजा के दौरान सबसे प्रभावी और लोकप्रिय मंत्र व श्लोकों की सूची दे रहे हैं, जिनका जाप हर भक्त को अवश्य करना चाहिए:

मुख्य शिव मंत्र (Maha Shivratri Puja Mantra)

- ॐ नमः शिवाय  
  (पंचाक्षर मंत्र – सबसे सरल और शक्तिशाली, सभी मनोकामनाओं के लिए)
- ॐ ह्रीं ह्रौं नमः शिवाय  
- ॐ पार्वतीपतये नमः  
- ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरु कुरु शिवाय नमः ॐ  
- ॐ पशुपतये नमः  
- ॐ ह्रीं नमः शिवाय (शिव बीज मंत्र)

महामृत्युंजय मंत्र (Mahamrityunjaya Mantra – स्वास्थ्य, रक्षा और दीर्घायु के लिए)

ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।  
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

शिव गायत्री मंत्र (Shiv Gayatri Mantra – ज्ञान और आध्यात्मिक जागृति के लिए)

ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।  
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

कर्पूर गौरं करुणावतारं श्लोक (Karpur Gauram Karunavtaram – ध्यान और भक्ति के लिए)

कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम्।  
सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानीसहितं नमामि॥

शिव नामावली मंत्र (Shiv Namavali Mantra)

ॐ नमः पार्वती पतये हर-हर महादेव।  
श्री शिवाय नमः। श्री शंकराय नमः। श्री महेश्वराय नमः।  
श्री सांबसदाशिवाय नमः। श्री रुद्राय नमः।  
ॐ नमो नीलकण्ठाय नमः॥

रुद्राभिषेक और शिवलिंग पूजा मंत्र

- शिवलिंग स्नान मंत्र:  
 
 मन्दाकिन्यास्तु यद्वारि सर्वपापहरं शुभम्।  
  तदिदं कल्पितं देव स्नानार्थं प्रतिगृह्यताम्॥  
  श्रीभगवते साम्बशिवाय नमः। स्नानीयं जलं समर्पयामि।

प्रसिद्ध शिव श्लोक (Maha Shivratri Shlok)

1. ध्यायेन्नित्यं महेशं रजतगिरिनिभं चारुचन्द्रावतंसं
रत्नाकल्पोज्ज्वलाङ्गं परशुमृगवराभीतिहस्तं प्रसन्नम् ।
पद्मासीनं समन्तात् स्तुतममरगणैर्व्याघ्रकृत्तिं वसानं
विश्वाद्यं विश्ववन्द्यं निखिलभयहरं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रम् ॥

2. अखर्वसर्वमङ्गलाकलाकदम्बमञ्जरी- रसप्रवाहमाधुरीविजृम्भणामधुव्रतम्।
स्मरान्तकं पुरान्तकं भवान्तकं मखान्तकं गजान्तकान्धकान्तकं तमन्तकान्तकं भजे॥

3. न धर्मो न चार्थो न कामो न मोक्षः
चिदानन्दरूपः शिवोऽहं शिवोऽहम्॥

महाशिवरात्रि पर इन मंत्रों का जाप 108 बार या जितना संभव हो उतनी बार करें। विशेष रूप से निशिता काल (मध्यरात्रि) में जाप करने से फल कई गुना बढ़ जाता है। व्रत रखें, शिव मंदिर जाएं, बेलपत्र चढ़ाएं और भोलेनाथ से सच्चे मन से प्रार्थना करें।

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