Uttrakhand News: धरती के साथ जल्द बढ़ने जा रही है सूर्य की तपिश, यहां होने वाला है जबरदस्त विस्फोट

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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अमृत विचार, नैनीताल। इन दिनों धरती का उत्तरी गोलार्ध प्रचंड गर्मी से तप रहा है तो सूर्य की सतह की तपिश भी आने वाले दिनों में बढ़ने जा रही है। सौर वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में सूर्य की सतह पर छाए धब्बों में विस्फोट होने की प्रबल संभावना है। जिससे भू चुंबकीय सौर तूफान उठेंगे।

पृथ्वी से दिखेंगे सन स्पॉट ग्रुप 
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के पूर्व निदेशक व सौर वैज्ञानिक डा वहाब उद्दीन ने बताया कि यह सौर चक्र बेहद विस्फोटों भरा रहा है, जो आने वाले दिनो में भी अधिक सक्रिय रहने वाले हैं। यानी सूर्य की सतह पर जबरदस्त विस्फोट होंगे और भू चुंबकीय सौर तूफानों का दौर फिर शुरू होने की संभावना रहेगी। इन दिनों सूर्य के सुदूरवर्ती पिछले हिस्से में विशाल सन स्पॉट ग्रुप बने हुए हैं, जो सूर्य की सतह पर कंपन उत्पन्न कर रहे है और भारी गर्जन के साथ ध्वनि भी पैदा कर रहे हैं। यह तीन सन स्पॉट ग्रुप हैं, जो अगले कुछ दिन में सूर्य के आगे तरफ आ जायेगे। तब इन्हें पृथ्वी से देखा जा सकेगा। 

सन स्पॉट में होगा विस्फोट
यह सन स्पॉट बहुत बड़े आकार में फैले हुए है। फिलहाल सूर्य की आगे की तरफ चार सन स्पॉट ग्रुप बने हुए हैं। जिन्हें पृथ्वी से देखा जा सकता है। इस सन स्पॉट में भी विस्फोटों की आशंका बनी हुई हैं। मगर इनमें सन स्पॉट ग्रुप से कोई बड़े विस्फोटों की संभावना नहीं है। इधर सूर्य की प्रत्येक गतिविधि पर दुनियाभर के सौर वैज्ञानिकों की पैनी नजरें बनी हुई है। साथ ही देश का पहला सौर मिशन आदित्य एल 1 की नजरें भी सूर्य पर टिकी हुई है। आदित्य एल 1 सूर्य में होने वाले विस्फोट और सोलर फ्लेयर (ज्वालाएं) को रिकॉर्ड कर रहा है। जल्द ही इसरो सूर्य की गतिविधियों के आंकड़ों को सार्वजनिक करना शुरू कर देगा।

सूर्य की ज्वालाओं और पृथ्वी के बीच मौसम का संबंध 
डा वहाब उद्दीन का कहना है कि सूर्य और धरती के बीच मौसम का गहरा संबंध है। इन दिनों पढ़ रही भीषण गर्मी की वजह सूर्य की उत्तरी गोलार्ध में पढ़ रही सीधी किरणे है। मगर सूर्य पर होने वाले विस्फोटों से निकलने वाली ज्वालाएं धरती के मौसम को प्रभावित करती है, इसका अभी तक पता नहीं लग सका है। इतना जरूर है कि सूर्य से उठने वाले भू चुंबकीय सौर तूफानों से पृथ्वी के ध्रुवों पर रंग बिरंगी रोशनी के रूप में ऑरोरा  देखने को मिलते हैं।

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