बाराबंकी में 43 डिग्री तापमान : प्रचंड गर्मी में लू के थपेड़ों ने लोगों को झुलसाया, बेपटरी हो रही बिजली आपूर्ति

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बाराबंकी, अमृत विचार। गुरुवार को 43 डिग्री तापमान ने सबको झुलसा कर रख दिया। दोपहर होते ही चले लू के थपेड़ों ने कोढ़ में खाज का काम कर दिया। उधर भीषण गर्मी से बेहाल जिलावासियों की रातों की नींद व दिन का चैन बिजली विभाग ने छीन ली। बेतहाशा लोड बढ़ने से आपूर्ति से जुड़े उपकरण जवाब देने लगे हैं। कहीं ट्रांसफार्मर जला तो कहीं एबीसी केबल पिघलने से हजारों की आबादी बिन बिजली के रही। आपूर्ति नियंत्रित रखने में विभाग को नाकों चने चबाने पड़ रहे हैं।  

दिनोदिन गर्मी के तेवर बिगड़ते ही जा रहे हैं। गुरुवार को दिन चढ़ते ही प्रचंड धूप का साथ लू ने दिया तो माहौल बेइंतहा गर्म हो उठा। सड़क पर वाहन से तो क्या पैदल चलना मुश्किल हो गया। गर्म हवा के थपेड़े पूरा शरीर झुलसाते रहे। गर्मी के इस प्रकोप के बीच बिजली आपूर्ति डांवाडोल होती दिख रही है। कहीं कटौती तो कहीं स्थानीय खराबियों ने रात की नींद पर गहरा असर डाला है। 

शहर के मोहल्ला पीरबटावन में ईदगाह फीडर से जुड़ी रौतन गढ़ी लाइन के सैकड़ों उपभोक्ताओं के घरों से बुधवार रात 11 बजे बत्ती गुल हो गई। लोग सवाल करते रह गए पर कोई सही जवाब नहीं मिला, पूरी रात जागते ही कट गई। सुबह पता चला कि एबीसी केबल गर्मी के चलते पिघल कर आपस में चिपक गई हैं।

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केबल बदलने के बाद गुरुवार को करीब तेरह घंटे बाद लोगों को बिजली व पीने का पानी नसीब हुआ। लोग बिजली विभाग को रह रहकर कोसते रहे। इसी तरह नगर नई बस्ती हनुमंत नगर स्थित आबादी की शिकायत वोल्टेज में उतार चढ़ाव को लेकर रही, यहां के मोहम्मद मुस्तफा खान ने बताया कि वोल्टेज में अचानक उतार चढ़ाव से घरों में रखे कई उपकरण जल गए, काफी नुकसान उठाना पड़ा।

पावर हाउस के ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग

रामसनेहीघाट :  रामसनेहीघाट स्थित 33/132 केवी पावर हाउस में बुधवार आधी रात के बाद ट्रांसमिशन ट्रांसफार्मर में भीषण आग लग गई। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और लपटें कई फिट ऊंचाई तक उठने लगीं। आसपास के क्षेत्रों में दहशत फैल गई, वहीं तीन सौ घर अंधेरे में डूब गए। विभाग ने विद्युत आपूर्ति बंद कर फायर स्टेशन को सूचना दी। फायर स्टेशन की दो दमकल गाड़ियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। जांच में ट्रांसफार्मर के बुश में तकनीकी खराबी सामने आई है।

बताया जा रहा कि ट्रांसफार्मर के ऑयल सिस्टम में पहले से दिक्कत थी। एक फेज में लगभग 40 एम्पियर का दबाव बढ़ गया था, जबकि बाकी दो फेजों पर अतिरिक्त लोड लेकर ट्रांसमिशन चलाया जा रहा था। लगातार ओवरलोड और हीटिंग के कारण बुश में स्पार्किंग हुई और ट्रांसफार्मर धू-धू कर जलने लगा। आग लगने से करीब 300 गांवों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई।

विभाग ने इमरजेंसी में रखे गए दूसरे ट्रांसफार्मर से जोड़कर गुरुवार सुबह करीब 4 बजे से विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी। अधिशासी अभियंता विमलेश ने बताया कि घटना में लगभग 4 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। फिलहाल तकनीकी टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

अघोषित बिजली कटौती से उबले मसौली वासी  

मसौली : भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान हैं। आरोप है कि हर आधे घंटे बाद एक से तीन घंटे तक रोस्टिंग की जा रही है, जिससे रात में लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही। मसौली उपकेंद्र से जुड़े करीब दो सौ गांवों की ढाई लाख आबादी इस समय प्रभावित है। उपकेन्द्र कभी 33 केवी लाइन फॉल्ट, कभी फीडर ब्रेकडाउन तो कभी रोस्टिंग का हवाला देकर घंटों आपूर्ति बंद कर रहा है।

इससे कूलर-पंखे बंद रहने और इनवर्टर जवाब देने से लोगों को उमस भरी गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रही, लेकिन क्षेत्र में मुश्किल से 7 से 8 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बुधवार रात 8:30 बजे से 10:30 बजे तक रोस्टिंग रही, इसके बाद थोड़ी देर बिजली आने के बाद फिर कई घंटों की कटौती कर दी गई। उपभोक्ताओं ने हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन वहां से रोस्टिंग न होने की बात कही गई, जबकि क्षेत्र में पूरी रात बिजली बाधित रही। लगातार कटौती से ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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