राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण : SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट खोलेगी कई बड़े राज, सोमवार को CM योगी के समक्ष पेश होने की संभावना
अयोध्या, अमृत विचार : एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट में राम मंदिर चढ़ावे में घपला, वित्तीय अनियमितता व कई वर्षों से दान में मिले बहुमूल्य जेवरात में हेरफेर करने का राज छिपा हुआ है। माना जा रहा है कि सोमवार को एसआईटी मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सौंपेगी। मंदिर निर्माण से सबंधित दस्तावेज, दानपात्रों से प्राप्त राशि का लेखा-जोखा, बैंकिंग लेनदेन, कर्मियों के बयान व सीसीटीवी फुटेज आदि को महत्वपूर्ण तथ्यों में शामिल किया गया है।
हालांकि 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सामने आने के बाद कानूनी कार्रवाई होने की उम्मीद है। राम मंदिर दान की राशि में कथित गड़बड़ी का मामला इन दिनों पूरे देश में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आरोपों ने न केवल मंदिर प्रबंधन को बल्कि पूरे हिंदू समाज की आस्था को झकझोर दिया है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से आरोप के बाद ट्रस्ट के अनुरोध पर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। टीम 15 जून सोमवार से राम मंदिर में डेरा डाले हुए थी।
टीम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा, विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव, राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत 40 से भी अधिक कर्मचारियों के बयान लिए। जांच में दान पात्र से रुपये गबन करने के साथ, भूमि क्रय करने में भारी अनियमितता व बहुमूल्य जेवरातों में हेरफेर करने के पुख्ता सबूत मिले हैं। संभावना है जल्द ही इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
प्राथमिक जांच पूरी, एसआईटी के लौटने की संभावना
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर चढ़ावे व वित्तीय अनियमितता के आरोपों की जांच कर रहे लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस. व विशेष सचिव (वित्त) नील रतन कुमार के विशेष जांच दल (एसआईटी) के शनिवार को वापस लौटने की चर्चा रही। टीम न तो सरयू अतिथि गृह में दिखी व न ही राम मंदिर पहुंचने की सूचना रही।
ट्रस्ट की मांग पर मुख्यमंत्री ने 13 जून को राम मंदिर मामले में एसआईटी से जांच के आदेश दिए थे। टीम 15 जून को अयोध्या राम मंदिर पहुंची थी। इसे सात दिन में प्राथमिक रिपोर्ट व 15 दिन में फाइनल रिपोर्ट देने के निर्देश थे। जानकारी के अनुसार टीम सोमवार को मुख्यमंत्री कार्यालय को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। संभावना है कि रिपोर्ट को पीएमओ कार्यालय भी भेजा जाएगा। इसके बाद निर्देश मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
