दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण: सैंपल रिपोर्ट में सही पाई गई शराब, आबकारी विभाग ने जांच को भेजे थे सैंपल
रुद्रपुर, अमृत विचार। विदेशी शराब पीने से दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण ने जहां आबकारी विभाग को हिला कर रख दिया था, लेकिन अब देहरादून प्रयोगशाला की रिपोर्ट सामने आने के बाद आबकारी विभाग को बड़ी राहत दी है। कारण जिस विदेशी शराब को जहरीली या फिर नकली शराब बिक्री से जोड़ा जा रहा था। अब उसी चार ब्रांड शराब की सैंपल जांच रिपोर्ट सही पाई गई है। प्रयोगशाला द्वारा क्लीन चिट देने के बाद प्रदेश में शराब की बिक्री की स्वीकृति भी आबकारी आयुक्त ने दे दी है।
यहां बता दें कि 5 फरवरी की रात्रि को खटीमा कंजाबाग के रहने वाले 52 वर्षीय दिल्लु राणा और मलकीत राणा अपने दोस्त प्रवेश मौर्या के साथ शराब पार्टी कर रहे थे। इस बीच शराब पीने के बाद दिल्लु व मलकीत की हालत बिगड़ी और उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई, जबकि प्रवेश मौर्या की हालत काफी बिगड़ चुकी थी। चर्चा यह थी कि जिस 8 पीएम ब्लैक विदेशी अधिकृत शराब को खटीमा के रहने वाले दोस्तों ने पी थी। वह शराब खटीमा के सरकारी ठेके से खरीदी गई थी।
जहरीली शराब प्रकरण के मुद्दे ने प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। फौरन आबकारी आयुक्त ने प्रदेश के अधीनस्थों को आदेशित किया कि प्रदेश की सभी दुकानों से 8 पीएम ब्लैक सिंपल व ब्लैक बैच शराब के अलावा सोलमेट व्हिस्की, मैकडॉवल्स ब्रांड की सैंपलिंग की जाए। आयुक्त का फरमान जारी होते ही सैंपल एकत्रित किए गए और 8 पीएम ब्लैक की बिक्री पर रोक लगाते हुए सभी सैंपल को देहरादून स्थित प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए। जब जांच रिपोर्ट सामने आई तो आबकारी विभाग ने राहत की सांस ली।
प्रयोगशाला ने सभी ब्रांड की शराब को क्लीन चिट देते हुए टिप्पणी की कि शराब में किसी भी प्रकार की कोई मिलावट नहीं है और शराब पूर्णतया मानकों के अनुरूप ही निर्मित है। जिसके सेवन से किसी की मौत नहीं हो सकती है। जांच रिपोर्ट आते ही प्रतिबंधित की गई शराब ब्रांड को एक बार फिर दुकानों पर बिक्री करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है, लेकिन खटीमा पुलिस की एसआईटी दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण की तफ्तीश को जारी रखेगी।
इनसेट-
जिले से इकट्ठा हुए थे 292 सैंपल
रुद्रपुर। जिला आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट ने बताया कि खटीमा प्रकरण के बाद आबकारी आयुक्त के आदेश पर जिले भर की 73 विदेशी मदिरा दुकानों से 292 सैंपल उठाए गए थे। सभी सैंपल देहरादून स्थित सरकारी प्रयोगशाला में भेजे गए थे। चूंकि मामला बेहद गंभीर था तो आबकारी की टीम ने दिल्लु-मलकीत मौत प्रकरण में संजीदगी के साथ अपनी तफ्तीश की। जिसमें खासतौर पर 8 पीएम ब्लैक पर प्रतिबंध लगाते हुए सैंपल जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में मिलावट या फिर नकली होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
आबकारी आयुक्त बनीं थी एसआईटी प्रभारी
रुद्रपुर। खटीमा के दिल्लु व मलकीत की नकली शराब पीने से मौत होने की चर्चा होते ही जहां आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल ने एसआईटी बनाई थी और खुद ही प्रकरण की मॉनिटरिंग कर रही थी। इसके अलावा जांच कमेटी में उप आबकारी आयुक्त राजीव चौहान के अलावा संयुक्त आबकारी आयुक्त रमेश चौहान, टेक्निकल अधिकारी शिवेंद्र चौहान को शामिल किया था। वहीं ऊधमसिंह नगर के आबकारी अधिकारी महेंद्र बिष्ट मौत प्रकरण की जांच का जिम्मा दिया था। यही कारण है कि रविवार को उप आबकारी आयुक्त ने रिपोर्ट के अलावा विभागीय जानकारी भी ली।
