कानपुर में रिटायर फौजी ने पत्नी-बेटे को गोली से उड़ाया, फिर ट्रेन से कटकर दी जान, इलाके में हड़कंप

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में सोमवार को सेना के एक सेवानिवृत्त जवान ने अपनी पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या करने के बाद पास में ही रेल की पटरी पर जाकर खुदकुशी कर ली। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस सूत्रों ने यहां बताया कि यह घटना सोमवार सुबह हुई। पुलिस को सेन पश्चिम पारा इलाके में कथोगर-इमलीपुर अंडरपास के पास रेल की पटरी पर एक व्यक्ति का शव पाये जाने की सूचना मिली थी।

उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि यह घटना मालगाड़ी की चपेट में आने से हुई है। जेब से मिले आधार कार्ड से मृतक की पहचान चेतराम पासवान (51) के रूप में हुई है। पुलिस को पास में एक मोटरसाइकिल खड़ी मिली, जिससे पुलिस को उसके घर का पता लगाने में मदद मिली।

सूत्रों ने बताया कि जब पुलिसकर्मी पासवान तुलसियापुर के नई बस्ती इलाके में स्थित उसके घर पहुंचे तो उन्हें घर के अंदर उसकी पत्नी सुनीता वर्मा (40) और उनके बेटे दीप (16) के शव मिले। सुनीता का शव बिस्तर के पास पड़ा था। उसके सिर में गोली मारी गयी थी। वहीं, दीप का शव कमरे के बाहर पाया गया। उसके सीने में गोली लगी थी। रसोई से लेकर शयनकक्ष तक खून के धब्बे भी पाये गये हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) विपिन ताडा ने बताया कि मौके से एक लाइसेंसी डबल-बैरल बंदूक मिली है। ऐसा लगता है कि रविवार देर रात आपसी झगड़े के बाद पासवान ने कथित तौर पर अपनी पत्नी और बेटे को गोली मार दी। एक अधिकारी ने बताया कि आशंका है कि वारदात के बाद पासवान घर का दरवाजा बाहर से बंद करके चला गया और बाद में चलती ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी कर ली।

संयुक्त पुलिस आयुक्त ने कहा कि पहली नजर में यह हत्या के बाद आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है। गहराई से जांच के बाद ही वास्तविकता का पता लग सकेगा। उन्होंने कहा, ''फॉरेंसिक टीमों ने मौके से खून के नमूने, बंदूक, सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुबूत इकट्ठा किये हैं। मामले की विभिन्न कोणों से जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।''

परिजनों के मुताबिक घाटमपुर के सेरुआ बखारिया गांव के रहने वाले पासवान सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। वह भारतीय स्टेट बैंक में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते थे। उन्हें पेंशन भी मिल रही थी। उनका परिवार करीब तीन महीने पहले अपने नए बने घर में रहने के लिये आया था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पासवान ने पहले अपनी बेटी की शादी और घर बनवाने के लिए करीब 12 लाख रुपये का कर्ज लिया था। यह रकम हाल ही में उनके पिता ने खेती की जमीन का एक हिस्सा बेचकर दी थी। उनकी बेटी की शादी छह महीने पहले हुई थी।

पड़ोसियों द्वारा पुलिस को दी गयी जानकारी के मुताबिक रविवार देर रात पासवान और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इस बीच, पासवान के भाई ने गड़बड़ी की आशंका व्यक्त करते हुए दावा किया है कि एक पूर्व सैनिक और कारगिल युद्ध में हिस्सा ले चुका सेना का जवान ऐसा कदम नहीं उठा सकता। उन्होंने पूरे मामले की गहराई से जांच की मांग की।  

कर्ज का बोझ और टूटा संतुलन

शादी की खुशियों के बाद आर्थिक बोझ ने परिवार की नींव हिला दी। जमीन और मकान बेचने के बावजूद कर्ज समाप्त नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनों से घर में तनाव बढ़ गया था। रविवार रात झगड़े की बात सामने आ रही है।

अनुशासन की जिंदगी, अंत में दर्दनाक फैसला

सेना में वर्षों सेवा देने वाले चेतराम को इलाके में शांत और जिम्मेदार व्यक्ति माना जाता था। किसी को अंदाजा नहीं था कि भीतर चल रहा मानसिक और आर्थिक दबाव इतना भयावह अंजाम ले लेगा। अब पुलिस हर पहलू से जांच कर रही। 

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