बरेली: दो हजार करोड़ की स्मार्ट सिटी, 2020 में जमीन पर दिखीं सिर्फ बैठकें
राकेश शर्मा, बरेली। स्मार्ट सिटी के रूप में बरेली को 2000 करोड़ रुपये की महापरियोजना मिले 35 माह बीत गये लेकिन इतने लंबे सफर में स्मार्ट सिटी की महज तीन छोटी परियोजनाएं ही धरातल पर उतर पाईं। बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एरिया बेस डेवलपमेंट (एबीडी) में चयनित छह वार्डों में एक भी वार्ड ‘स्मार्ट’ …
राकेश शर्मा, बरेली। स्मार्ट सिटी के रूप में बरेली को 2000 करोड़ रुपये की महापरियोजना मिले 35 माह बीत गये लेकिन इतने लंबे सफर में स्मार्ट सिटी की महज तीन छोटी परियोजनाएं ही धरातल पर उतर पाईं। बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एरिया बेस डेवलपमेंट (एबीडी) में चयनित छह वार्डों में एक भी वार्ड ‘स्मार्ट’ नहीं हुआ।
वर्ष 2020 में छह वार्डों के लोग यह उम्मीद लगाए रहे कि उनके मोहल्ले की सभी गलियां चकाचक हो जाएंगी। चौकी चौराहा, अय्यूब खां चौराहा, गांधी उद्यान चौराहा, कॉलेज गेट का चौराहा समेत अन्य प्रमुख स्थानों की तस्वीर बदल जाएगी लेकिन अधिकारी इस वर्ष उनकी उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। 2020 भी बैठकें और निविदा निकालने में गुजार दिया जबकि कई माह से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के चेयरमैन/मंडलायुक्त, सीईओ/नगर आयुक्त समेत अन्य पदाधिकारी हर सप्ताह स्मार्ट सिटी लिमिटेड की परियोजनाओं को रफ्तार देने के लिए बैठकें करते रहे हैं।
17 दिसंबर को बरेली आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अधिकारियों ने स्मार्ट सिटी से जुड़ी कई प्रमुख परियोजनाओं का शिलान्यास करा दिया लेकिन सभी परियोजनाएं अभी तक सिर्फ कागजों में ही नजर आई हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 47 परियोजनाएं शामिल हैं। 19 जनवरी 2018 को देश के 100 स्मार्ट शहरों में बरेली के नाम की घोषणा हुई थी।
तब शहर के लोगों को अपार खुशी हुई लेकिन अधिकारियों की लापरवाही के कारण स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट धरातल पर नहीं उतर पाया। इस सिटी की परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए महज पांच साल का वक्त ही मिला हुआ है। स्मार्ट सिटी मिशन केंद्र सरकार की मदद से चलने वाली महायोजना है।
2.28 करोड़ रुपये की तीन छोटी परियोजनाएं धरातल पर आईं
बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड में अभी तक गांधी उद्यान में 78 लाख की लागत से वॉकओवर डांसिंग फाउंटेन, गांधी उद्यान में 80 लाख रुपये की लागत से म्यूजिकल सिस्टम और एबीडी एरिया के छह पार्कों में 70 लाख की लागत से ओपन जिम का निर्माण कराया गया है।
मुख्यमंत्री से इनका कराया शिलान्यास, 2021 में धरातल पर दिखेंगी योजनाएं
17 दिसंबर को मुख्यमंत्री बरेली आए थे। तब अधिकारियों ने बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की चार परियोजनाओं का मुख्यमंत्री से शिलान्यास कराया था। इसमें संजय गांधी कम्युनिटी हाल स्थल का पुन: निर्माण, सौंदर्यीकरण एवं तालाब पर एसटीपी (लागत 10.40 करोड़), इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की स्थापना (लागत 163.32 करोड़), चार स्थानों पर सॉलिड वेस्ट ट्रांसफर स्टेशन निर्माण (लागत 14.61 करोड़), वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों के संचालन के लिए चार्जिंग स्टेशन व डिपो निर्माण (लागत 5.14 करोड़) परियोजना शामिल थी। इसमें एक को छोड़कर किसी परियोजना पर काम नहीं हुआ है। नगर निगम परिसर में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का भवन बनना शुरू हो गया है।
बरेली को दो हिस्सों में बांट चुकी है स्मार्ट सिटी
80 वार्ड वाले नगर निगम के स्मार्ट सिटी में कौन से छह वार्ड शामिल हैं जब इसकी गहराई परखी तो यह सामने आया कि स्मार्ट सिटी ने बरेली दो हिस्सों में बांट दिया है। ‘स्मार्ट बरेली और पुरानी बरेली’। स्मार्ट सिटी के छह वार्डों का दायरा शहर की धड़कन कहे जाने वाले राजेंद्र नगर और डीडीपुरम क्षेत्र तक का पूरा क्षेत्र नहीं आता है क्योंकि 1270 हेक्टेयर के दायरे में स्मार्ट सिटी बनाने का जो खाका खींचा गया है उससे यह भी स्पष्ट है कि कोहाड़ापीर, प्रेमनगर, संजयनगर, मॉडल टाउन, सुभाषनगर, नेकपुर, बारादरी क्षेत्र, पुराना शहर और पीलीभीत रोड का क्षेत्र स्मार्ट सिटी में शामिल नहीं किया गया है।
80 में से छह वार्ड शामिल करने पर उठे थे सवाल
बरेली नगर निगम के तहत 80 वार्डों में से वार्ड-9 नौमहला, वार्ड-20 आजमनगर, वार्ड-32 गांधी उद्यान, वार्ड-53 रामपुर गार्डन, वार्ड-57 फाल्तूनगंज व वार्ड-64 सिकलापुर को ही स्मार्ट सिटी में चयनित किया गया है। फरवरी में स्मार्ट सिटी लिमिटेड के चेयरमैन/मंडलायुक्त रणवीर प्रसाद के समक्ष जब यह मुद्दा उठा कि नगर निगम के 80 वार्डों में से सिर्फ छह वार्ड ही क्यों चयनित किए गए? इस पर मंडलायुक्त ने कहा था कि स्मार्ट सिटी का चयन होने से लेकर कितने वार्ड इसमें शामिल किए जाएंगे, यह भी भारत सरकार से आई टीम ने ही स्थानीय लोगों के विचार जानने के बाद तय किया था।
