Bareilly : एसडीएम के सामने पेशकार से मारपीट, अधिवक्ताओं ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

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Published By Monis Khan
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बरेली/फरीदपुर, अमृत विचार। तहसील परिसर स्थित एसडीएम कोर्ट में शुक्रवार को फाइलों को लटकाने के आरोपों पर शुरू हुई कहासुनी हंगामे के बाद मारपीट तक पहुंच गयी। आरोप है कि एसडीएम के सामने उनके पेशकार के साथ अधिवक्ता ने मारपीट कर दी। वहीं, फाइलों को रोककर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने एसडीएम कक्ष के सामने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इससे विवाद और बढ़ गया। देर शाम अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी के खिलाफ पोस्टर छपवा दिए। एसडीएम हटाओ, तहसील बचाओ जैसे कई स्लोगन लिखे पोस्टर तहसील परिसर में लगा दिए।

वहीं, पेशकार कमलेश शर्मा ने किसी तरह वहां से जान बचाई और बरेली कलेक्ट्रेट पहुंचकर कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों को घटना की जानकारी बताते हुए सहयोग मांगा। एसडीएम कोर्ट में हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया कि दिनभर वकील नारेबाजी करते रहे। कर्मचारी भी इधर-उधर रहे। तहसील में एक तरह से अस्थाई तौर पर कामकाज बंद हो गया। दरअसल, लगातार तीन महीने से कोर्ट कार्य न होने से कुछ सीनियर अधिवक्ता परेशान हैं। शुक्रवार को कुछ सीनियर वकील उपजिलाधिकारी फरीदपुर मल्लिका नैन से बातकर कोर्ट लगाने के संबंध में बातचीत कर रहे थे। कुछ अधिवक्ताओं और एसडीएम के बातचीत में तय हुआ कि कोर्ट लगाया जाए। उपजिलाधिकारी मल्लिका नैन कोर्ट में पहुंच गई।

बताते हैं कि इसी बीच अधिवक्ताओं का एक अन्य दल अपना एजेंडा लेकर वहां पहुंच गया, जिसको लेकर पहले अधिवक्ताओं में आपस में कहासुनी हुई। इसी बीच एक वकील और पेशकार के बीच कहासुनी शुरू हो गयी। आरोप है कि एक अधिवक्ता ने पेशकार कमलेश के साथ मारपीट की। इससे वहां हल्ला मच गया। पेशकार कमलेश का आरोप है कि उसके साथ मारपीट करने के बाद उसे धक्के मारकर तहसील से बाहर निकाल दिया, जिसकी शिकायत उसने जिलाधिकारी से भी की है।

अधिवक्ताओं ने अफसरों पर लगाए संगीन आरोप
- अधिवक्ता एसडीएम कक्ष के सामने ही धरने पर बैठे। भ्रष्टाचार के आरोप लगाते नारेबाजी करते रहे। उनका आरोप है कि तहसील में प्राइवेट कर्मचारी भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, कुछ अधिकारी भी संलिप्त हैं। गांव देहात के आने वाले किसानों के अलावा अधिवक्ताओं से भी रुपये वसूले जा रहे हैं। जिन किसानों से या अधिवक्ताओं से वसूली नहीं होती, उनके काम महीनों लटकाए जाते है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह एसडीएम के कार्यालय के सामने धरने पर बैठे थे, तब उप जिलाधिकारी ने जिलाधिकारी के यहां मीटिंग होने का बहाना करके वहां से निकल गईं। इसके बाद तहसील परिसर में अधिकारियों के ऑफिस में ताले लटके रहे।

उपजिलाधिकारी फरीदपुर मल्लिका नैन ने बताया कि अधिवक्ताओं द्वारा धरना प्रदर्शन जो भी किया गया है, पूरे घटनाक्रम की जानकारी उच्च अधिकारियों को है। अधिकारियों द्वारा जो भी निर्देशित किया जाएगा उचित कार्यवाही की जाएगी।

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