निजीकरण की सोच के खिलाफ चलेगा अभियान, 46वें महाधिवेशन में उठेंगी कार्मिकों की समस्याएं
लखनऊ, अमृत विचार: भय और उत्पीड़न के माहौल को खत्म कर सहमति बने बिंदुओं को लागू कराने और कार्मिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए विद्युत कर्मचारी मोर्चा संगठन ने व्यापक अभियान चलाने की घोषणा की है। साथ ही पूर्वांचल, दक्षिणांचल के साथ शेष अंचलों के निजीकरण की सोच को समाप्त करने का भी संकल्प लिया गया है। इन बिंदुओं को लेकर शुक्रवार को कर्मचारी मोर्चा संगठन की पत्रकार वार्ता अशोक मार्ग स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित की गई।
संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष चन्द्रप्रकाश अवस्थी बब्बू् ने बताया कि 46वें वार्षिक महाधिवेशन के दौरान कार्मिकों से संबंधित ज्वलंत मुद्दों और प्रबंधन की मनमानियों पर अंकुश लगाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की ओर से किया जाएगा। प्रेसवार्ता के दौरान संगठन ने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रबंधन की ओर से नियम विरुद्ध कार्यालय सहायकों का जिले से बाहर स्थानांतरण किया जा रहा है, जबकि इस संबंध में पूर्व में सहमति बन चुकी है।
इसके अलावा सेवानिवृत्त कार्मिकों को 6600 ग्रेड पे का लाभ नहीं दिया जा रहा है। वहीं संगठन ने वर्ष 2000 में सरकार, शासन और प्रबंधन के साथ हुए समझौते का सम्मान करते हुए विद्युत कर्मियों को पूर्व से मिल रही सुविधाओं को बहाल रखने की मांग की। कार्मिकों की पारिवारिक और मानसिक समस्याओं को देखते हुए आमेलन की सुविधा को पुनः बहाल करने की भी मांग उठाई। पत्रकार वार्ता में नवीन गौतम, मोहन जी श्रीवास्तव, छोटेलाल दीक्षित, एके माथुर, पीसी० वर्मा और अजय अवस्थी सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख मांगे इस प्रकार हैं-
1-फरवरी 2009 के बाद शेष तृतीय श्रेणी कार्मिकों को भी तृतीय समयबद्ध वेतनमान 6600 ग्रेड पे दिया जाए।
2-उप्र पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड एवं उत्पादन निगम में टीजी-2 से जेई, जेई से एई, एई से ईई तथा ईई से एसई तक निरंतर पदोन्नति की प्रक्रिया जारी है, जबकि कार्यालय कर्मचारियों को वर्ष-20 से कार्यकारी सहायक पद पर पदोन्नति से वंचित रखा गया है, इसे शीघ्र लागू किया जाए।
3-मोबाइल आधारित फेसियल अटेंडेंस प्रणाली को दोषपूर्ण बताते हुए इसे समाप्त करने की मांग।
4- मेरठ में वर्ष-25 में किए गए दूरस्थ स्थानांतरणों को निरस्त कर पूर्व जोन में समायोजित किया जाए।
5-टीजी-2 पद पर पदोन्नति की सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर चुके अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी दिए जाने के साथ ही कई अन्य मांगों को पूरा करने की मांग की गई है।
