कानपुर : कांग्रेस ने किया मूर्ति हटाने का विरोध, आन्दोलन की दी चेतावनी

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Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। जुलाई 1934 में बापू जब तिलक हाल का उद्घाटन करने आए थे तो जरीबचौकी स्थित मंदिर में भी गए थे और वहां सभा की थी। ये मंदिर लोगों की आस्था और स्वतंत्रता संग्राम के संघर्ष के अनकहे इतिहास का गवाह है, लेकिन भाजपा साजिश के तहत प्राचीन मंदिर के अतिरिक्त वहां बाबू, नेहरु, शास्त्री जी की मूर्तियों को हटाना चाहती है लेकिन कांग्रेस ऐसा होने नहीं देगी। यदि ये मूर्तियां विकास में बाधा हैं तो इन्हें संजोया जाए। 

रविवार को घटना की जानकारी होने पर कानपुर महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पवन गुप्ता की अगुवाई में कांग्रेसियों की टीम जरीब चौकी घटनास्थल पहुंची और कहा कि मंदिर एवं महापुरुषों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मूर्तियों को हटने नहीं देंगे। महानगर अध्यक्ष ने बताया कि दो दिन पूर्व पीडब्लूडी के अधिकारी एसके सुमन समेत कुछ अधिकारी आए और वहां लोगों से दो दिन में मंदिर व बापू,नेहरू,शास्त्री की मूर्ति,अशोक की लाट चिन्ह आदि हटाने की धमकी दे गए। 

महानगर अध्यक्ष ने कहा कि जरीब चौकी में एतिहासिक महत्व की बापू,नेहरू और शास्त्री की मूर्ति और भगवान् शिव और हनुमानजी के 125 वर्षों से अधिक प्राचीन मंदिर है जिससे भक्तजनों में आक्रोश है। महानगर अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा एक मिशन की तरह बापू,नेहरू और शास्त्री जैसे महापुरुषों को अपमानित करने का काम कर रही है। आस्था के साथ साथ स्वतंत्रता आंदोलन और देश के इतिहास के लिए यह स्थल बेहद महत्वपूर्ण है। 

अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि क्षेत्रीय लोगों और कानपुर के लोगों की भावनाओं का आदर हो और सहमति बनाकर उचित निर्णय लिया जाए। कार्यवाही ऐसी हो कि आस्था व इतिहासिक महत्व से कोई समझौता न हो। यदि जबरदस्ती कोई कार्य किया गया तो कांग्रेस इस के विरोध में आंदोलन करेगी। कांग्रेस महासचिव विजय त्रिवेदी,उपाध्यक्ष पदम मोहन मिश्रा,उपाध्यक्ष रितेश यादव,राम शंकर राय ,अजय श्रीवास्तव शीलू ,उपेंद्र यादव, देव राय,विनोद अवस्थी, राजेश सविता आदि थे।

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