वैज्ञानिक फैक्ट: जीवन से भरपूर है मिट्टी

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Published By Anjali Singh
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हम अक्सर मिट्टी को केवल धूल या जमीन का एक साधारण हिस्सा समझ लेते हैं, लेकिन वास्तव में मिट्टी जीवन का विशाल और अद्भुत संसार अपने भीतर समेटे हुए है। वैज्ञानिकों के अनुसार मिट्टी के केवल एक चम्मच में जितने सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं, उनकी संख्या पृथ्वी पर रहने वाले मनुष्यों से भी अधिक हो सकती है। यह तथ्य अपने आप में बताता है कि मिट्टी कितनी जीवंत और महत्वपूर्ण है।

अमेरिकी कृषि विभाग के अनुसार मिट्टी में लाखों प्रजातियां और अरबों जीव पाए जाते हैं। इनमें बैक्टीरिया, शैवाल, कवक, सूक्ष्म कीट, केंचुए, भृंग, चींटियां, घुन और कई अन्य जीव शामिल हैं। ये सभी मिलकर पृथ्वी पर कहीं भी पाए जाने वाले जैव द्रव्यमान का सबसे बड़ा संकेंद्रण बनाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो मिट्टी पृथ्वी का सबसे व्यस्त और सक्रिय पारिस्थितिक तंत्र है।

मिट्टी के ये सूक्ष्मजीव केवल संख्या में अधिक नहीं होते, बल्कि अत्यंत उपयोगी भी होते हैं। बैक्टीरिया और कवक मृत पौधों और जीवों को विघटित करके उन्हें पोषक तत्वों में बदलते हैं। यही पोषक तत्व फसलों और पेड़ों की जड़ों तक पहुंचते हैं और उन्हें स्वस्थ विकास में मदद करते हैं। केंचुए मिट्टी को भुरभुरी बनाकर उसमें हवा और पानी के प्रवाह को बेहतर करते हैं, जिससे पौधों की जड़ें आसानी से फैल सकें।

स्वस्थ मिट्टी केवल कृषि के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संतुलन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मिट्टी कार्बन को अपने भीतर संग्रहित करके जलवायु परिवर्तन को नियंत्रित करने में मदद करती है। साथ ही, यह वर्षा के पानी को सोखकर भूजल स्तर को बनाए रखने में सहायक होती है। यदि मिट्टी की गुणवत्ता घटती है, तो इसका सीधा असर खाद्य उत्पादन, जल संसाधनों और जैव विविधता पर पड़ता है।

आज रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग, प्रदूषण और अंधाधुंध निर्माण के कारण मिट्टी की सेहत प्रभावित हो रही है। इसलिए जरूरी है कि हम जैविक खेती, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर ध्यान दें। मिट्टी को बचाना दरअसल जीवन को बचाना है, क्योंकि यही धरती का वह आधार है, जिस पर हमारा पूरा अस्तित्व टिका हुआ है।