विश्वप्रसिद्ध दरगाह की होली को लेकर सस्पेंस खत्म, खेली जाएगी फूलों-गुलाल की होली, नई कमेटी करेगी आयोजन
दीपराज सिंह/बाराबंकी, अमृत विचार। सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की विश्वप्रसिद्ध दरगाह पर करीब 120 वर्षों से आयोजित होने वाली पारंपरिक होली को लेकर इस वर्ष बना संशय आखिरकार समाप्त हो गया। करीब 40 वर्षों से जुलूस का नेतृत्व कर रही वारसी होली समिति द्वारा इस बार आयोजन से किनारा किए जाने के बाद कार्यक्रम को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई थी।
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इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा नई कमेटी का गठन किया गया।शुक्रवार को उपजिलाधिकारी सदर आनंद तिवारी एवं क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार ने थाना परिसर में नवगठित कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक कर आयोजन की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
बैठक में पूर्व वर्षों की तरह ही शांतिपूर्ण ढंग से आयोजन कराने पर सहमति बनी बैठक के बाद कमेटी सदस्यों ने इंस्पेक्टर देवा अजय कुमार त्रिपाठी के साथ आस्ताना मैनेजर साद महमूद वारसी से मुलाकात कर कार्यक्रम की जानकारी दी। इस दौरान आस्ताना मैनेजर ने नवगठित कमेटी को बधाई देते हुए आयोजन में हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
कमेटी के अध्यक्ष पंडित अवध किशोर मिश्रा ने बताया कि होली जुलूस सुबह 9 बजे कौमी एकता गेट से रवाना होगा, जो कस्बे के निर्धारित मार्गों से होते हुए दोपहर 12:10 बजे आस्ताना परिसर पहुंचेगा। यहां फूलों और गुलाल से होली खेलने के बाद 12:45 बजे जुलूस का समापन किया जाएगा।
उन्होंने लोगों से अपील की कि जुलूस के दौरान शांति और सौहार्द बनाए रखें तथा मिलजुलकर पर्व मनाएं। जो व्यक्ति होली खेलना चाहता है उसका स्वागत है, जबकि जो होली नहीं खेलना चाहता उसे जबरन रंग न लगाया जाए। बैठक में कमेटी के उपाध्यक्ष बृजकिशोर सोनी, महामंत्री विकास निगम, संदीप निगम, त्रिवेणी शर्मा, आकाश शुक्ला सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
