Sambhal: खामेनेई की मौत के गम में बाजार बंद, सड़कों पर उतरे लोग
संभल, अमृत विचार। ईरान के सर्वोच्च नेता सैयद अली हुसैनी खामेनेई की अमेरिका और इजरायल की एयर स्ट्राइक में मौत की खबर फैलते ही जनपद संभल के शिया आबादी वाले इलाकों में गम और गुस्से का माहौल बन गया। रविवार सुबह यह सूचना मिलते ही शोक की लहर दौड़ गई।
शिया बहुल कस्बा सिरसी में हालात ऐसे रहे कि अधिकांश बाजार स्वतः बंद हो गए और लोगों ने इमामबाड़ों में पहुंचकर मजलिसों में शिरकत की। विरोध प्रदर्शन के साथ ही जुलूस निकाला गया। शियाओं ने अमेरिका व इजरायल की कार्रवाई को आतंकवादी कृत्य बताते हुए जमकर नारे लगाये। इस दौरान तुम कितने हुसैनी मारोगे, हर घर से हुसैनी निकलेगा। नारा गूंजता रहा। सिरसी में सुबह खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही मस्जिदों और इमामबाड़ों पर काले झंडे लगाए गए।
इमामबाड़ों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हुआ, जहां खामेनेई की शहादत का जिक्र कर उन्हें खिराजे अकीदत पेश की गई। मजलिस के दौरान जैसे ही शहादत का वाकया बयान किया गया, वहां मौजूद लोग फूट-फूट कर रो पड़े। आंखों से बहते आंसुओं के बीच अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नाराजगी जाहिर की गई। मजलिस के बाद इमामबारगाह सादात से एक एहतेजाजी जुलूस निकाला गया।
जुलूस कस्बे के प्रमुख मार्गों से होता हुआ इमाम बारगाह कला गर्वी पहुंचा। जुलूस और प्रदर्शन की खबर मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस सतर्क हो गई। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून व्यवस्था में सहयोग की अपील की। पूरे दिन इमामबाड़ों में मजलिस, फातेहाखानी और ताजियत जलसों का दौर चलता रहा।
