Uttrakhand: 63.5 करोड़ साल पहले बर्फ से जम गई थी धरती, स्कॉटलैंड के प्राचीन चट्टानों ने खोला राज
अमृत विचार , नैनीताल। मौसम की दुश्वारियों का दंश भले ही वर्तमान में झेल रहे हों, लेकिन पृथ्वी के अतीत का मौसम भी अनेक कठिनाइयों से गुजरा है। ब्रिटेन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसे ही बर्फीले मौसम का दौर खोज निकाला है, जब पृथ्वी का लगभग पूरा हिस्सा बर्फ की मोटी चादर से ढक गया था। यह घटना 63.5 करोड़ साल पहले घटी थी।
इस दौर को स्नोबॉल अर्थ कहा जाता है। हमारी पृथ्वी बर्फ से ढकी किसी गेंद तरह हो चुकी थी। स्कॉटलैंड की प्राचीन चट्टानों से यह रहस्य उजागर हुआ है। यह वास्तव में एक चौंकाने वाली खोज है। इस घटना का काल लगभग 72 करोड़ से 63.5 करोड़ साल पहले रहा। पृथ्वी पूरी तरह बर्फ से ढक गई थी। भारत जैसे उष्णकटिबंधीय
क्षेत्रों में बर्फ पूरी तरह तो नहीं जमी लेकिन कई क्षेत्रों में पानी के पैच यानी तालाब बन गए थे। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन (ब्रिटेन) के वैज्ञानिकों ने स्कॉटलैंड के पश्चिमी तट की प्राचीन चट्टानों का अध्ययन किया। इन चट्टानों में बहुत पतली परतें मिलीं । इन परतों की मोटाई के आंकड़ों से वार्षिक मौसम चक्र का अध्ययन किया गया। जिसमे सदियों के मौसम चक्र को शामिल किया गया।
इस रिसर्च में कंप्यूटर सिमुलेशन का उपयोग किया गया, तब इस सच्चाई का पता चल सका। इस बर्फ को पिघलने में लाखों वर्ष का समय लगा और उस दौरान में रहे जीवन को पनपने में लंबा समय लगा। यह खोजे साइंस जर्नल में फरवरी में प्रकाशित हुई है। इस खोज से से पता चलता है कि पृथ्वी की जलवायु में लचीलापन हमेशा से रहा है। यह एल नीनो के कारण सूखे के अकाल दौर से गुजरी है तो कभी इसे बाढ़ जैसी आपदाओं को भी सहना पड़ा है।
कई बार आए हैं हिमयुग के दौर
नैनीताल: आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ नरेंद्र सिंह कहते हैं कि मौसम के कुछ कुदरती चक्र भी होते हैं, जिनमे हिमयुग भी शामिल है। पृथ्वी पर अतीत में कई बार हिमयुग आए हैं और पृथ्वी का एक हिस्सा बर्फ से ढक गया। अब 63.5 करोड़ वर्ष पहले बर्फ से ढकी पृथ्वी के इतिहास की खोज वास्तव में रोचक है। इस तरह की खोज होते रहनी चाहिए।
