वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ खुले भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट, श्रद्धालुओं ने किए अखंड ज्योति के दर्शन

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Published By Anjali Singh
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श्री बदरीनाथ धाम। उत्तराखंड में भगवान श्री बदरीनाथ के कपाट गुरुवार प्रातः छह बजकर 15 मिनट पर विधिविधान एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। इस पावन अवसर पर देश-विदेश से पहुंचे लगभग 15 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल एवं अखंड ज्योति के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कपाट खुलते ही पूरा बद्रीनाथ धाम भक्ति और श्रद्धा के भाव से सराबोर हो उठा। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कपाट उद्घाटन के शुभ अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से पहली महाभिषेक पूजा संपन्न कर देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित लक्ष्मी मंदिर, गणेश मंदिर तथा आदि गुरु शंकराचार्य गद्दी सहित अन्य मंदिरों में विधिवत पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने धाम पहुंचे तीर्थयात्रियों का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं का फीडबैक भी लिया। 

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने को हर स्तर पर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया गया है। उन्होंने देश विदेश से आने वाले सभी श्रद्धालुओं से हरित एवं स्वच्छ चारधाम यात्रा में सहयोग करने का आह्वान करते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। 

उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के शुभारंभ के साथ ही बद्रीनाथ धाम में आस्था, परंपरा और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला, जो श्रद्धालुओं के लिए एक दिव्य और यादगार अनुभव बनेगा। कपाट खुलने के इस ऐतिहासिक अवसर पर माणा एवं बामणी गांव की महिलाओं ने पारंपरिक जागरों के साथ मंदिर प्रांगण में झुमैलो नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे संपूर्ण वातावरण लोक संस्कृति और आस्था के रंग में रंग गया। 

वहीं देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा अर्पित की। मुख्यमंत्री श्री धामी ने धाम में संचालित भंडारे का रिबन काटकर शुभारंभ किया तथा श्रद्धालुओं के साथ प्रसाद ग्रहण किया। उन्होंने भंडारा संचालकों से संवाद कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली और मानव सेवा ईश्वर सेवा उत्थान समिति द्वारा संचालित विशाल भंडारे की सराहना की। 

इस अवसर पर जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, बीकेटीसी के सीईओ विशाल मिश्रा, उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, रावल अमरनाथ नंबूदरी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी गिरीश चौहान, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, नायब रावल सूर्यराग नंबूदरी, धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट, आचार्य वाणी विलास डिमरी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। 

धामी ने की मोदी की ओर से पहली पूजा 

उत्तराखंड के नर और नारायण पर्वतों के मध्य स्थित श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट गुरुवार सुबह 06.15 बजे बैसाख मास शुक्ल पक्ष पुनर्वसु नक्षत्र एवं सर्वार्थ सिद्ध योग में श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कपाट खुलने के पावन पल के साक्षी बने। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से देशवासियों के श्रेष्ठ और शांतिपूर्ण जीवन की कामना करते हुए प्रथम पूजा की। इससे पहले बुधवार को ही उद्दव, तेल कलश और आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी बदरीनाथ धाम पहुंच गई थी, जबकि कुबेर की डोली रात्रि प्रवास के लिए बामणी गांव पहुंची। आज मंदिर परिसर से लेकर आसपास के प्राचीन मठ-मंदिरों को 25 कुंतल ऑर्किड और गेंदे के फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है।


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