CA Intermediate Exam Result : सीए इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम में मानस अग्रहरी बने सिटी टॉपर

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Published By Deepak Mishra
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मेधावियों ने पढ़ाई में निरंतरता को बताया सफलता की वजह

कानपुर, अमृत विचार। सीए इंटरमीडिएट परीक्षा का परिणाम रविवार को जारी हुआ। परीक्षा में मानस अग्रहरी ने शहर में पहला व एआईआर 19 स्थान हासिल किया है। इसी तरह वृदा गुप्ता ने संयुक्त रूप से शहर में दूसरा व युवतियों मे पहला स्थान पाया है। तीसरे स्थान पर सुमित शिवकुमार गुप्ता ने तीसरा स्थान हासिल किया है।

इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई)  की ओर से सीए इंटरमीडीएट का परीक्षा परिणाम जारी किया गया। परीक्षा में शामिल हुए प्रतिभागियों ने अपना परीक्षा परिणाम संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर देखा। परीक्षा परिणाम आते ही मेधावियों में उत्साह छा गया।

खासतौर पर कोचिंग संस्थानों में रविवार के दिन भी युवाओं ने आकर खुशियां मनाई। उधर परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने वाले मेधावियों ने सीए जैसी कठिन परीक्षा को पास करने के लिए पढ़ाई में निरंतरता को जरूरी बताया। कहा कि इसका कोर्स काफी बड़ा होता है और यदि निरंतर पढ़ाई न की जाए तो परीक्षा में पिछड़ने की संभावना अधिक होती है। इसलिए रोजाना कम से कम पांच से छह घंटे पढ़ाई किया जाना बेहद जरूरी है। 

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सेल्फ स्टडी से मिली सफलता

सीए इंटरमीडिएट परीक्षा में शहर में पहला स्थान हासिल करने वाले मानस अग्रहरी ने अपने दूसरे प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। फतेहपुर निवासी मानस ने बताया कि उनके पिता महेंद्र कुमार गुप्ता रेलवे में सीएमआई है। उनकी मां गुंजन गुप्ता एक शिक्षिका हैं।

मानस ने यह भी बताया कि उन्होंने सीए इंटरमीडिएट की पढ़ाई खुद ही की है। गाइडेंस के लिए ऑनलाइन शिक्षकों की क्लास हासिल की है। बताया कि सीए फाइनल की उनकी योजना ट्रेनिंग के बीच अपनी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना है। उन्होंने सीए की तैयारी कर रहे युवाओं को सलाह दी कि इसका कोर्स काफी अधिक होता है। इस तरह से अपना विल पॉवर बनाएं रखे। पढ़ाई और अधिक कोर्स से घबराना नहीं चाहिए। 

पहले प्रयास में मारी बाजी

वृंदा गुप्ता ने अपने पहले ही प्रयास में इस परीक्षा में बाजी मारी है। हालसी रोड निवासी वृंदा गुप्ता ने संयुक्त रूप से शहर में दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने बताया कि जब वे छोटी थी तो उनके पिता कशिश गुप्ता का निधन हो गया था। उसके बाद वे अपनी मां सुमति गुप्ता को कुछ बड़ा करके दिखाना चाहती थी। इसलिए वे ऐसी प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होना चाहती थी जहां वे खुद को साबित कर सके। उन्होंने यह भी बताया कि परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए उन्होंने कोचिंग भी की है। अब वे फाइनल परीक्षा की तैयारी में जुट गई हैं।  

लक्ष्य बनाकर की पढ़ाई

शहर में तीसरा स्थान हासिल करने वाले सुमित शिवकुमार गुप्ता मुल रूप से जौनपुर निवासी है। उनके पिता शिवकुमार गुप्ता एक प्राइवेट कंपनी मे सेल्समैन है। उन्होंने अपनी मां प्रेमशील गुप्ता को आदर्श बताया है। कहा कि उन्होने शुरुआत से ही योजना बनाकर पढ़ाई की। पढ़ाई करने में निरंतरता को मूलमंत्र बनाया। पूरे दिन में 6 से 8 घंटे तक पढ़ाई करने का नतीजा है कि उन्होंने यह परीक्षा में बेहतर परिणाम हासिल किया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस परीक्षा में यदि लगातार पढ़ाई न की जाए तो कोर्स अधूरा रह जाता है जिसका खामियाजा परीक्षा में चुकाना पड़ता है।

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