योगी मंत्रिमंडल बैठक खत्म: दो दर्जन प्रस्तावों पर मुहर, फर्जीवाड़े पर लग सकेगा प्रभावी नियंत्रण  

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Published By Anjali Singh
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में कैबिनेट बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आवास, वित्त, परिवहन, कार्मिक और स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग समेत विभिन्न विभागों के दो दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में जमीन की रजिस्ट्री में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने के लिए अहम फैसला लिया है। अब किसी भी संपत्ति को बेचने से पहले विक्रेता का नाम खतौनी में मिलान किया जाएगा। यदि नाम अलग पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा।

कैबिनेट के सामने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। इस योजना के लागू होने पर प्रदेश के 12,200 से अधिक गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य है। इससे दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को शहरों तक आने-जाने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

कार्मिक विभाग के प्रस्ताव के तहत सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन किया जा सकता है। इसके तहत यदि कोई कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति की खरीद-फरोख्त करता है तो उसे इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश में लगाता है, तो इसकी जानकारी देना भी जरूरी होगा। 

आवास विभाग के प्रस्ताव के अनुसार विकास प्राधिकरणों और आवास विकास की लंबे समय से अटकी या बिना बिके मकानों के लिए सरकार वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना लागू कर सकती है। इससे प्रदेश के करीब 19 हजार से अधिक डिफॉल्टरों को राहत मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंदों को किफायती आवास उपलब्ध कराने और सीएम विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत आठ शहरों में अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं के लिए बजट मंजूरी का प्रस्ताव भी कैबिनेट में आ सकता है। 

बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने, गिफ्ट डीड पर स्टाम्प शुल्क को सरल बनाने और नई एफडीआई नीति से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। सरकार का कहना है कि इन फैसलों के लागू होने से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा, ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और आवास योजनाओं में लोगों को राहत मिलेगी। 

 

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