उत्तर प्रदेश के 2 लाख से अधिक कॉलेज-यूनिवर्सिटी के शिक्षकों के लिए गुड न्यूज, मिलेगी 5 लाख तक की कैशलेस इलाज सुविधा
लखनऊ, अमृत विचार: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना से प्रदेश के दो लाख से अधिक शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 5 सितंबर 2025 को शिक्षक दिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा के शिक्षकों को नकदरहित चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में कार्यरत नियमित एवं स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक, स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक और राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक शामिल किए जाएंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी योजना के दायरे में लाया गया है। योजना के अंतर्गत शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को भी सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में नकदरहित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होगी। इसके तहत प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक के उपचार की सुविधा दी जाएगी।
मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने बताया कि इस योजना के लिए प्रति शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी लगभग 2479.70 रुपये का प्रीमियम व्यय होगा। प्रदेश में दो लाख से अधिक लाभार्थियों को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस योजना पर लगभग 50 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष खर्च करना होगा, जिसकी व्यवस्था उच्च शिक्षा विभाग के बजट से की जाएगी। योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (साचीज) के माध्यम से किया जाएगा। उपचार की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत आरोग्य योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी।
उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण हर वर्ष 30 जून तक उच्च शिक्षा विभाग द्वारा साचीज को उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही जो व्यक्ति पहले से केंद्र या राज्य सरकार की अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से आच्छादित होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
