Uttrakhand: बुजुर्ग मौत प्रकरण में चालक को एक वर्ष का कारावास, पोते ने की थी न्यायालय में याचिका दायर
रुद्रपुर, अमृत विचार। बुजुर्ग महिला को रौंदने के दोषी को एक वर्ष का कठोर कारावास होने का मामला सामने आया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपना निर्णय दिया। मामला वर्ष 2016 का है। पोते ने न्यायालय में याचिका दायर की थी।
अधिवक्ता बसंती गिरी ने बताया कि 2 अक्टूबर 2016 को फाजलपुर महरौला निवासी आनंद यादव ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी दादी लक्ष्मी वी गुरुनानक डिग्री कॉलेज प्रीत बिहार सड़क किनारे घास काट रही थी। सुबह साढ़े 10 बजे तेज रफ्तार कार ने सड़क पार करते हुए टक्कर मार दी। लापरवाही का आलम यह था कि बुजुर्ग दादी को कार चालक काफी दूर तक घसीटता हुआ ले गया और डॉक्टरों ने दादी को मृत घोषित कर दिया।
पड़ताल में पता चला कि उस वक्त कार का संचालन आजाद खान तराई विहार कॉलोनी फाजलपुर महरौला कर रहा था। प्रकरण की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट हेमंत सिंह की अदालत में हुई। जहां वादी अधिवक्ता द्वारा अदालत के साथ कई गवाह पेश किए। दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद अदालत ने कार चालक आजाद खान को गैर इरादतन हत्या सहित 279 की धारा का दोषी करार देते हुए एक वर्ष का कारावास और अर्थदंड देने की सजा सुनाई।
