तन सु शा एक प्रेरक यात्रा
आज दुनिया में महिलाएं हर क्षेत्र में अपना परचम लहरा रही हैं, तन सु शान भी उनमें से एक हैं। तन सु शान सिंगापुर की एक प्रमुख व्यावसायिक नेता हैं, जो दक्षिण पूर्व एशिया की सबसे बड़ी बैंकिंग संस्था डीबीएस बैंक की ग्रुप सीईओ के रूप में जानी जाती हैं। मार्च 2025 में उन्होंने यह पद संभाला, जिससे वे डीबीएस की पहली महिला सीईओ बनीं। फॉर्च्यून पत्रिका ने उन्हें 2025 में एशिया की सबसे प्रभावशाली महिला व्यवसायी के रूप में नामित किया। सिंगापुर में स्थित डीबीएस, जो 637 बिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति वाली एशिया की अग्रणी बैंक है, के नेतृत्व में तन सु शान ने बैंक को डिजिटल इनोवेशन, वेल्थ मैनेजमेंट और सस्टेनेबल फाइनेंस में नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इस लेख में हम उनकी जीवनी, शिक्षा, करियर की यात्रा, उपलब्धियों और डीबीएस पर उनके प्रभाव को विस्तार से चर्चा करेंगे।--रूफिया खान
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
तन सु शान का जन्म सिंगापुर में हुआ था, जहां उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की। उनकी रुचि हमेशा से अर्थशास्त्र, राजनीति और दर्शनशास्त्र में रही, जो उनकी बाद की करियर में स्पष्ट रूप से झलकती है। 1986 से 1989 तक, उन्होंने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के लिंकन कॉलेज से राजनीति, दर्शनशास्त्र और अर्थशास्त्र में मास्टर ऑफ आर्ट्स (एम.ए.) की डिग्री प्राप्त की। यह डिग्री उन्हें वैश्विक आर्थिक और सामाजिक मुद्दों की गहरी समझ प्रदान करने वाली साबित हुई।
शिक्षा के बाद, उन्होंने नेतृत्व विकास पर फोकस किया। उन्होंने हार्वर्ड बिजनेस स्कूल, स्टैनफोर्ड बिजनेस स्कूल और सिंगुलैरिटी यूनिवर्सिटी से एक्जीक्यूटिव लीडरशिप कोर्स पूरे किए, जो आधुनिक बैंकिंग में एआई और इनोवेशन के उनके दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। उनकी शिक्षा ने उन्हें न केवल वित्तीय विशेषज्ञ बनाया, बल्कि एक रणनीतिक विचारक के रूप में भी स्थापित किया, जो जटिल वैश्विक चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हैं।
करियर की यात्रा
तन सु शान के पास उपभोक्ता बैंकिंग, वेल्थ मैनेजमेंट और संस्थागत बैंकिंग में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उनकी यात्रा वैश्विक स्तर पर फैली हुई है, जिसमें लंदन, टोक्यो, हांगकांग और सिंगापुर जैसे शहर शामिल हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 से सिटीबैंक और आईएनजी बैरिंग्स से की, जहां वे लंदन, टोक्यो और हांगकांग में कार्यरत रहीं। 1997 से 2005 तक, वे मॉर्गन स्टेनली में एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहीं और फिर 2008 से 2010 तक मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में कार्य किया। इस दौरान, उन्होंने साउथ-ईस्ट एशिया के लिए प्राइवेट वेल्थ मैनेजमेंट का नेतृत्व किया। 2005 से 2008 तक, वे सिटी में मैनेजिंग डायरेक्टर रहीं, जहां उन्होंने एशियाई बाजारों में वेल्थ मैनेजमेंट को मजबूत किया।
2010 में डीबीएस जॉइन करने के बाद, उन्होंने ग्रुप हेड ऑफ कंज्यूमर बैंकिंग एंड वेल्थ मैनेजमेंट का पद संभाला, जिसे उन्होंने लगभग एक दशक तक नेतृत्व किया। इस अवधि में, डीबीएस की वेल्थ एसेट्स 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर से बढ़ीं और 2017 के अंत तक 156 बिलियन डॉलर तक पहुंच गईं, जिससे डीबीएस दुनिया के शीर्ष छह वेल्थ मैनेजर्स में शामिल हो गया। 2019 से, वे इंस्टीट्यूशनल बैंकिंग की एमडी और हेड बनीं और डीबीएस हांगकांग की डिप्टी चेयरमैन भी रहीं। इसके अलावा, उन्होंने 10 वर्षों तक पीटी बैंक डीबीएस इंडोनेशिया की प्रेसिडेंट कमिश्नर के रूप में सेवा की।
2012 से 2014 तक, वे सिंगापुर की संसद में नामित सांसद रहीं, जहां उन्होंने फाइनेंशियल सेक्टर की नीतियों पर योगदान दिया। उनकी यात्रा में स्टैंडर्ड
चार्टर्ड और यूओबी जैसे अन्य बैंकों का भी योगदान रहा, लेकिन डीबीएस में उनका 15 वर्षों का कार्यकाल सबसे महत्वपूर्ण रहा।
प्रभाव और भविष्य की दिशा
तन सु शान का प्रभाव न केवल डीबीएस पर, बल्कि पूरे एशियाई फाइनेंशियल सेक्टर पर पड़ा है। उन्होंने महिलाओं को नेतृत्व में प्रोत्साहित किया और सिंगापुर की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में योगदान दिया। उनके तहत, डीबीएस ने जेनरेटिव एआई को अपनाया, जो ग्राहकों को व्यक्तिगत सेवाएं प्रदान करता है। भविष्य में, वे सस्टेनेबिलिटी और इनक्लूसिव ग्रोथ पर फोकस करेंगी, जो एशिया की बदलती चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगी। तन सु शान, डीबीएस बैंक की ग्रुप सीईओ, अपनी नेतृत्व शैली, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और एआई युग में मानवीय स्पर्श पर गहन अंतर्दृष्टि के लिए जानी जाती हैं। उनके विचार महिलाओं, नेताओं और पेशेवरों के लिए विशेष रूप से प्रेरणादायक हैं, जो दृढ़ता, सहानुभूति और दीर्घकालिक दृष्टि पर जोर देते हैं। तन सु शान एक ऐसी नेता हैं, जिनकी बुद्धिमत्ता, दृढ़ता और इनोवेटिव सोच ने उन्हें वैश्विक पटल पर स्थापित किया है। उनकी कहानी युवा पेशेवरों, विशेष रूप से महिलाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है।
उपलब्धियां व पुरस्कार
तन सु शान की उपलब्धियां उन्हें एशिया की शीर्ष महिला नेताओं में शुमार करती हैं। उनकी कुछ प्रमुख उपलब्धि इस प्रकार हैं -
2013 - प्राइवेट बैंकर इंटरनेशनल द्वारा ‘आउटस्टैंडिंग प्राइवेट बैंकर ऑफ द ईयर’ - एशिया की पहली प्राप्तकर्ता।
2013 - वेल्थब्रीफिंगएशिया द्वारा ‘आउटस्टैंडिंग इंडिविजुअल कंट्रीब्यूशन टू एशियन वेल्थ मैनेजमेंट’।
2012 - इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग एंड फाइनेंस द्वारा ‘डिस्टिंग्विश्ड फाइनेंशियल इंडस्ट्री कॉम्पिटेंट प्रोफेशनल’।
2014 - पीडब्ल्यूएम/द बैंक (फाइनेंशियल टाइम्स ग्रुप) द्वारा ‘‘वर्ल्ड बेस्ट लीडर इन प्राइवेट बैंकिंग’ - पहली सिंगापुरियन।
2018 - डिजिटल बैंकर द्वारा ‘रिटेल बैंकर ऑफ द ईयर’।
2018 - फोर्ब्स द्वारा ‘टॉप 25 इमर्जेंट एशियन वुमन बिजनेस लीडर’।
2019 - द एसेट द्वारा एशिया की छह महिलाओं में से एक, जो बैंकिंग को आकार देंगी।
इसके अलावा, उनके नेतृत्व में डीबीएस ने उपभोक्ता बैंकिंग में क्रांतिकारी बदलाव किए, जो एशिया में डिजिटल बैंकिंग का मॉडल बने।
डीबीएस में सीईओ के रूप में भूमिका
मार्च 2025 में ग्रुप सीईओ बनने के बाद, तन सु शान ने डीबीएस को ‘जनरेटिव एआई एनेबल्ड बैंक विद ए हार्ट’ के रूप में परिभाषित किया। मैकिन्से के साथ एक साक्षात्कार में, उन्होंने बताया कि कैसे एआई का उपयोग ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग के लिए किया जा रहा है, जो दक्षता बढ़ाते हुए मानवीय स्पर्श बनाए रखता है। उनके नेतृत्व में, डीबीएस ने एशियाई फाइनेंस को ट्रांसफॉर्म करने पर फोकस किया, विशेष रूप से सस्टेनेबल फाइनेंस, डिजिटल इनोवेशन और क्षेत्रीय विस्तार पर। वे कॉर्पोरेट एंड कमर्शियल बैंकिंग को ग्लोबल हेड के रूप में भी जारी रख रही हैं, जो डीबीएस की संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करता है। उनके विजन में, बैंकिंग को अधिक समावेशी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना शामिल है, जो एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के अनुरूप है।
उनके विचार
तन सु शान के अनुसार, “सच्चा नेतृत्व कमरे में सबसे बुद्धिमान व्यक्ति होने के बारे में नहीं है, बल्कि सही प्रश्न पूछने और दूसरों को आगे बढ़ने का अवसर देने के बारे में है।” मीडियम लेख में उन्होंने टीम संस्कृति और भावनात्मक सुरक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा की है। उनका मानना है कि जब नेता विनम्रता और सहयोग की भावना के साथ काम करता है, तो टीम के सदस्य स्वयं को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करते हैं। ऐसे वातावरण में लोग खुलकर अपने विचार रखते हैं और अपनी क्षमता का पूरा उपयोग कर पाते हैं। इस दृष्टिकोण से वे युवा नेताओं को यह महत्वपूर्ण सीख देती हैं कि वास्तविक सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयासों से प्राप्त होती है। इसके साथ ही, कतर इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए, उन्होंने डिजिटल युग में व्यक्तिगत संबंधों पर जोर दिया। यह प्रेरक विचार बताता है कि तकनीक कितनी भी उन्नत हो, भावनात्मक जुड़ाव ही विश्वास बनाता है। तन सु शान का मानना है कि बैंकिंग में यह ग्राहक वफादारी की नींव है, जो हमें सिखाता है कि व्यवसाय में मानवीय पक्ष को कभी न भूलें।
