कानपुर : मार्बल लदे ट्रेलर में घुसी डबल डेकर टूरिस्ट बस, दो की मौत, 56 घायल
कानपुर, अमृत विचार। कानपुर में पनकी के सरायमीता के पास शनिवार तड़के तीर्थयात्रियों में उस वक्त चीख-पुकार मच गई जब इटावा-कानपुर एलीवेटेड हाईवे पर भीषण सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार डबल डेकर बस मार्बल लदे खड़े ट्रेलर में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबदस्त थी कि बस चालक के केबिन के परखच्चे उड़ गए। बस में सवार बस मालिक की मौके पर ही मौत हो गई व 56 तीर्थयात्री घायल हो गए। हाईवे पर दोनों लेन पर जाम लग गया।
हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, एनएचएआई, फायर ब्रिगेड टीम ने एंबुलेंस से घायलों को हैलट भेजा। पुलिस ने रेस्क्यू कर बस में फंसे घायलों को बाहर निकाला। दो तीर्थयात्रियों की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। सभी तीर्थयात्री महाराष्ट्र के नासिक जिले के ओझर के आसपास के रहने वाले हैं।
कानपुर-इटावा एलीवेटेड हाईवे पर सरायमीता के पास पंजाब नंबर का कंटेनर खड़ा था। उसके बगल से मार्बल लदा ट्रेलर निकला और आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। हादसे के बाद ट्रक तो निकल गया, लेकिन ट्रेलर वहीं खड़ा हो गया। इसी बीच इटावा की ओर से आ रही तीर्थयात्रियों से भरी तेज रफ्तार डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर उसी ट्रेलर से जा भिड़ी।
अधिकारी चालक को झपकी आने के कारण हादसा होने की आशंका जता रहे हैं। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रेलर में लदे मार्बल पत्थर टूटकर बस में घुस गए। बस के आगे चालक केबिन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस में 60 वर्षीय तीर्थयात्री भागीरथी व बस मालिक 54 वर्षीय मनोज सिंह आगे ही बैठे थे। मालिक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनोज को चिकित्सकों ने हैलट में मृत बता दिया। बाकी 56 तीर्थयात्रियों को हैलट में भर्ती कराया गया।
ट्रेलर चालक जौनपुर निवासी कलमेश यादव ने बताया कि वह राजस्थान के कोटा से मार्बल लादकर बिहार के गोपालगंज जा रहे थे। तीर्थयात्रियों ने बताया कि बस गुरुवार शाम नासिक से निकली थी। शुक्रवार दोपहर उन्होंने उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। इसके बाद उन्हें अयोध्या होते हुए नेपाल पशुपतिनाथ जाना था।
हादसे की खबर पर पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरया, एनएचआई की रेस्क्यू टीम, मुख्य अग्निशमन अधिकारी दीपक शर्मा व परिवहन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। बड़ा हादसा होने की सूचना पर एक दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंची। घायलों को तत्काल एंबुलेंस से हैलट व कांशीराम ट्रामा सेंटर भेजा।
10 दिन के टूर पर महाराष्ट्र से निकले थे
घायल तीर्थयात्रियों ने बताया कि गुरुवार को वह 10 दिन के टूर पर निकले थे। शुक्रवार को उज्जैन में महाकाल के दर्शन किए। दोपहर 12.30 बजे वहां से निकले थे। रात डेढ़ बजे भिंड स्थित होटल में खाना खाया। शनिवार तड़के पनकी हाईवे पर चाय पी और आगे बढ़े थे, तभी आशंका है कि चालक को झपकी आने से हादसा हो गया। चालक ने कानपुर पार करने के बाद रेस्ट करने और दोपहर तक अयोध्या पहुंचकर राम लला के दर्शन करने की बात कही थी। चालक ट्रेलर को देख नहीं पाया और जब तक समझ पाता टकरा गया।
स्टेयरिंग में फंसे चालक को निकाला
फायर विभाग की टीम ने रेस्क्यू कर खिड़की से स्ट्रेचर अंदर डालकर तीर्थयात्रियों को किसी तरह बाहर निकाला। स्टेयरिंग के पास फंसे चालक को निकाला गया। क्रेन से बस का अगला हिस्सा खींचने पर फंसा चालक निकल सका। डरे-सहमे तीर्थयात्री बस से बाहर निकलते ही एक दूसरे का हालचाल पूछने लगे। गंभीर घायलों को तत्काल एंबुलेंस से कल्याणपुर सीएचसी भेजा गया। वहां इलाज के बाद हैलट पहुंचाया गया।
हादसे में घायल हुए यह 56 तीर्थयात्री
हादसे में शोभा तुकाराम, सुशीला रस्कर, अरुणा, शालिनी, मुरलीधर, शांता, ऊषा, शैला, रेखा सुतर, विद्या सावंत, शालिनी, वैशाली, नर्मदा, सरला, भास्कर, हीराबाई, ताराबाई, तुकाराम, ननकी, नंदाकिनी, विलास, नंदू, इराबाई, संगीता, चिंदू, सूरज, सत्यभामा, गंसूबाई, प्रमिला, रामभाऊ, सुमनबाई, सारिका राम, मुद्रा राधे श्याम पुरकुडे, सलोनी, शोभा, जयश्री, संजय चौधरी, मीरा, श्याम राव, कमल, पुपत, ममदा, अलका, परमेला, सारेका, रानी, शकुंतला, वैशाली और पुष्पा शामिल हैं। इन सभी घायलों को आर्थों, सर्जरी और न्यूरो वार्ड में चिकित्सकों की देखरेख में भर्ती कराया गया है। वहीं चार घायलों को कांशीराम ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जिसमें इंदुबानी, वंदना, बाबा साहेब और यशोदा हैं।
एडीसीपी ने मराठी भाषा में पूछा हाल, रो पड़ी महिला
एडीसीपी स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) सुमित सुधाकर रामटेके महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले हैं और हादसे में घायल सभी महाराष्ट के नासिक जिले के ओझर आसपास के रहने वाले हैं। हादसे की सूचना पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल, डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी, जीएसवीएम मेडिकल कालेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला घायलों को देखते पहुंचे। घायलों से बातचीत में उनकी भाषा से समझने में दिक्कत हुई तो पुलिस कमिश्नर ने एडीसीपी सुमित सुधाकर रामटेके से मराठी में बातचीत करके उनका हालचाल पूछने का कहा। इस पर एडीसीपी ने सभी घायलों का हालचाल लिया। बातचीत में महिला समेत कई घायल अपना दर्द बातकर रो पड़े।
थाना पुलिस की लापरवाही से हाईवे पर खड़े होते वाहन
शासन-प्रशासन से लेकर क्राइम मीटिंग तक हादसों को रोकने पर दिशा निर्देश दिए जाते हैं। इसके बाद भी थाना पुलिस की लापरवाही से सड़क और हाईवे के किनारे वाहन खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) भी पल्ला झाड़कर किनारे हो जाता है। इन सबकी वजह से इस तरह के हादसों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
हाईवे किनारे सी-कर्व पर हुई थी 17 की मौत
हाईवे पर वाहनों को हटाने के आदेश कागजों में ही दम तोड़ देते हैं। गौर करें तो 8 जून 2021 को दिल्ली जा रही टूरिस्ट बस सचेंडी के सी-कर्व पर खड़े डीसीएम से टकरा गई थी। तभी गलत दिशा से आ रहे टेंपो बस की चपेट में आ गया था। इस हादसे में 17 लोगों की मौत हुई थी। वहीं जनवरी 2023 में बारात के बाद रिश्तेदारी में फतेहपुर जा रहा कार सवार परिवार छिवली नदी के पास खड़े डीसीएम से टकरा गया था। परिवार के पांच लोगों की मौत हुई थी। ट्रैफिक विभाग के आंकड़ों की माने तो 2023 में सचेंडी से लेकर महाराजपुर तक खड़े वाहनों की वजह से 67 हादसे हुए। जिनमें 54 लोगों की जान गई। 2024 में 79 हादसों में 34 लोगों ने दम तोड़ा। 2025 में हादसों की संख्या बढ़कर 103 हो गई, जिसमें 69 लोगों ने दम तोड़ा।
नासिक से तीर्थयात्रियों को लेकर आ रही टूरिस्ट बस एलीवेटेड हाईवे पर ट्रेलर से भिड़ी है। जिसमें दो यात्रियों की मौत हुई, बस में सवार 56 घायलों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उनका इलाज चल रहा है। उनके परिजनों को सूचना दी गई है। हाईवे से वाहनों को हटवाकर यातायात बहाल कराया गया है। जांच कराई जाएगी। लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई होगी... एसएस कासिम आबिदी, डीसीपी पश्चिम।
