लोक अदालत : पारिवारिक न्यायालयों ने 226 जोड़ो के बीच कराया समझौता
विधि संवाददाता, बरेली। लोक अदालत में गिले शिकवे दूर कराकर पारिवारिक न्यायालयों ने 226 जोड़ो के मध्य समझौता कराया। प्रधान न्यायाधीश मोहम्मद अशरफ अंसारी ने 66, अपर प्रधान न्यायाधीश संजय कुमार सिंह ने 46, छाया नैन ने 60 व ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने 54 वादों का निस्तारण किया।
बीते सवा वर्ष से 3 व 1 वर्ष के दो पुत्रों के साथ अलग रह रही मनू फातिमा का पारिवारिक न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी के प्रयास से कासगंज निवासी अपने पति मोहम्मद मोहसिन खान के साथ सुलह हो गयी। न्यायालय में दोनों ने एक दूसरे को मालाएं पहनायीं, मिठाई खिलाकर हमेशा साथ रहने का वायदा किया। न्यायाधीश ने बच्चों के लिए निजी विवादों को दरकिनार कर उनके दोनों पुत्रों अल्तमश (3) व अबु जर (1) को गोदी में उठाकर अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए प्रेरित किया।
मनू फातिमा का निकाह 24 अक्टूबर 2021 को मोहम्मद मोहसिन खान के साथ हुआ था। आरोप था कि ससुराल वालों ने कम दहेज मिलने पर यातनाएं देकर मारपीट कर बच्चों समेत 28 अक्टूबर 2025 को धक्का देकर निकाल दिया था। मनू ने न्यायालय में बच्चों व स्वयं के लिए भरण पोषण की राशि पति से दिलाए जाने का वाद दायर किया था।
पारिवारिक न्यायालय के अपर प्रधान न्यायाधीश ज्ञानेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि विवाह बाद जब संतान हो जाए, तब पति-पत्नी को आपसी झगड़े का त्याग कर यह संकल्प लेना चाहिए कि हमें बच्चों के लिए जीना है, पारिवारिक विवादों का बच्चों के भविष्य पर बहुत बड़ा दुष्प्रभाव है। सारी लड़ाई जुबान के कारण ही होती है। अगर पति-पत्नी के विवादों का असर बच्चों पर पड़ रहा है तो यह बहुत बड़ा पाप है।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 195735 वाद निस्तारित
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा निर्देशन में शनिवार को अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण प्रदीप कुमार सिंह ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। नोडल अधिकारी उमा शंकर कहार ने बताया कि लोक अदालत में 195735 वादों का निस्तारण कर 190452969 रुपये की धनराशि जमा करायी गयी। मोटर दावा दुर्घटना अधिकरण ने 175, प्रशासनिक अधिकारियों ने 42325, परिवहन विभाग ने 2315 वाद, पुलिस विभाग ने 76593 मामले निस्तारित कराए। पुलिस अधीक्षक यातायात ने 70992 ई चालानों का निस्तारण किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव जया प्रियदर्शिनी ने बताया कि लोक अदालत जनपद न्यायालय परिसर में बैंक वादों के निस्तारण के लिए 25 पीठों का गठन किया गया, जिनके समक्ष विभिन्न बैंक ने ऋण से संबंधित 1661 वाद निस्तारित किए।
हस्तशिल्प वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई
लोक अदालत में केन्द्रीय कारागार-प्रथम के बंदियों की ओर से तैयार हस्तशिल्प वस्तुओं एवं केन्द्रीय कारागार-द्वितीय जिला कारागार के बंदियों द्वारा तैयार औषधीय पौधों की प्रदर्शनी लगाई गयी।महिला कल्याण विभाग के अलावा स्वयं सहायता समूहों ने कई वस्तुओं के स्टाल लगाए।
