बाराबंकी में गरजे सांसद चंद्रशेखर, कहा- अब अपने अधिकारों के लिए लड़ेगा बहुजन समाज

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

सांसद नगीना बोले- रास्ते में उनकी गाड़ी पर फेंके गए पत्थर

बाराबंकी, अमृत विचार। भीम आर्मी प्रमुख व नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को बाराबंकी में आयोजित जनसभा में केंद्र व प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने बहुजन समाज से एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव लाने की अपील करते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का आह्वान किया।

शहर के निकट हैदरगढ़ रोड स्थित मजीठा क्षेत्र में भीमराव अंबेडकर और कांशीराम की जयंती तथा आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को अब अपने अधिकारों के लिए जागरूक होकर आगे आना होगा। बहुजन समाज अब अपने अधिकारों के लिए लड़ेगा। लोकतंत्र में मतदान सबसे बड़ा हथियार है और इसी के माध्यम से सामाजिक व राजनीतिक परिवर्तन संभव है।

सभा में चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि अंबेडकर के सपनों का भारत अभी अधूरा है। उनके जाने के बाद उस मिशन को कांशीराम ने आगे बढ़ाया और अब आजाद समाज पार्टी उसी मिशन को मजबूती से आगे ले जाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर है और कई स्थानों पर हत्याओं व अपराध की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि बाराबंकी आते समय रास्ते में उनकी गाड़ी पर कुछ लोगों ने पत्थर फेंके। उन्होंने कहा कि यह पत्थर उन पर नहीं बल्कि सरकार के उन दावों पर हैं, जिनमें प्रदेश में मजबूत कानून व्यवस्था की बात कही जाती है।

सांसद चंद्रशेखर आजाद ने बाराबंकी सदर विधानसभा सीट पर अपनी पार्टी की दावेदारी भी जताई। उन्होंने कहा कि जब तक आजाद समाज पार्टी मैदान में नहीं थी तब तक लोग अलग-अलग दलों को वोट देते थे, लेकिन अब पार्टी प्रदेश में मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने अपने संसदीय क्षेत्र नगीना का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की सभी विधानसभाओं में भाजपा को हराया गया और इसी तरह का परिणाम भविष्य में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी देखने को मिलेगा।

महापुरुषों के नाम पर राजनीति के सवाल पर उन्होंने कहा कि अंबेडकर और कांशीराम किसी एक दल या जाति के नहीं हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्ष 2006 से 2026 तक कई दलों को इन महापुरुषों की याद नहीं आई, लेकिन जब से आजाद समाज पार्टी सक्रिय हुई है, तब से सभी दल उन्हें अपना बताने लगे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बहुजन समाज को भाईचारे और लोकतांत्रिक ताकत के बल पर राजनीतिक भागीदारी बढ़ानी होगी, तभी वास्तविक बदलाव संभव है। जनसभा में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

संबंधित समाचार