छोटे किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार की बड़ी पहल, शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया एकीकृत खेती मॉडल

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Published By Muskan Dixit
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नई दिल्लीः केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार देश में एकीकृत खेती के मॉडल पर काम कर रही है जिससे छोटी जोत वाले किसानों को भी फायदा होगा। चौहान ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा, ''सरकार ने छोटी जोत वाले किसानों के लिए एकीकृत खेती के अनेक मॉडल पर काम करना शुरू किया है और कई जगह उनका प्रदर्शन कर रहे हैं।''

उन्होंने पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि सरकार इस बात पर विशेष ध्यान दे रही है कि छोटे किसान केवल एक फसल नहीं लगाएं, बल्कि खाद्यान्न, सब्जी, फल साथ में उगाने के अलावा वे मछली पालन, पशु पालन, वानिकी जैसे अनेक क्षेत्रों में काम करें और छोटे किसान की खेती भी लाभ का धंधा बने। चौहान ने तंबाकू के सेवन से हर साल देश में 13 लाख से अधिक लोगों की मौत होने का आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि हम तंबाकू उत्पादक किसानों को अन्य वैकल्पिक फसलों को उगाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ''हमने केवल किसानों को यह नहीं कहा कि तंबाकू का उत्पादन छोड़ दो। हमने अनेक वैकल्पिक फसलें चिह्नित की हैं।'' उन्होंने कहा कि तंबाकू उत्पादक किसानों को मक्का, मिर्च, शकरकंद, लोबिया, रागी, मूंगफली, गन्ना, सोयाबीन और ज्वार जैसी विभिन्न फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इससे पहले कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने इस संबंध में कर्नाटक सरकार के प्रयासों की सराहना की।

राज्य से भाजपा के सांसद यदुवीर वाडियार के एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए चौधरी ने कहा, ''मैं कर्नाटक सरकार को धन्यवाद देना चाहूंगा कि उन्होंने 30 हजार एकड़ से भी ज्यादा क्षेत्र में तंबाकू की फसल कम की है और अन्य फसलों के उत्पादन की दिशा में काम किया है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा पूरी सहायता दी जा रही है।'' उन्होंने कहा कि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे प्रमुख तंबाकू उत्पादक राज्यों को फसलों में विविधता लाने के लिए प्रोत्साहन देने के वास्ते नई योजना शुरू की गई है जिसके लिए 538.40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

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