UP : कानपुर में सेवानिवृत्त शिक्षिका से एक करोड़ 57 लाख रुपये की ठगी

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
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कानपुर : चकेरी इलाके में 60 साल की एक सेवानिवृत्त शिक्षिका से एक करोड़ 57 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार साइबर जालसाजों ने खुद को मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, अमेरिकी गायक जोश टर्नर और एलन मस्क के एक सहयोगी के तौर पर पेश किया। अपर पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) अंजलि विश्वकर्मा ने बुधवार को  बताया कि यह मामला तब सामने आया जब चकेरी की रहने वाली सेवानिवृत्त शिक्षिका एलिसन वीम्स (60) ने 16 मार्च को इस सिलसिले में प्राथमिकी दर्ज कराई। 

उन्होंने प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि खुद को मार्क जुकरबर्ग बताने वाले व्यक्ति ने जनवरी 2025 में वीम्स से फेसबुक पर संपर्क किया था और धीरे-धीरे उनका भरोसा जीतने के बाद कानपुर में एक प्रस्तावित 'इंटरनेशनल स्कूल प्रोजेक्ट' में निवेश करने का लालच देकर भारी मुनाफा और स्कूल में एक बड़ा पद दिलाने का वादा किया। 

इसके बाद दूसरे जालसाज भी व्हाट्सएप और फेसबुक के जरिए वीम्स और ठग के बीच हो रही बातचीत में शामिल हो गए, और इस योजना की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए उन्होंने खुद को अमेरिकी गायक जोश टर्नर और एलन मस्क के एक सहयोगी के तौर पर पेश किया।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि 25 जनवरी 2025 से 20 फरवरी 2026 के बीच उन व्यक्तियों ने निवेश, प्रक्रिया शुल्क, कर और नौकरी से जुड़े खर्चों जैसे अलग-अलग बहाने बनाकर वीम्स से कई बैंक खातों में कुल एक करोड़ 57 लाख रुपये की बड़ी रकम जमा करवाई सूत्रों के मुताबिक शक होने पर जब वीम्स ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने कथित तौर पर दावा किया कि उनका निवेश बढ़कर दो करोड़ 23 लाख रुपये हो गया है, और बरगलाकर उनसे सत्यापन शुल्क, स्टांप कर और अन्य औपचारिकताओं के बहाने रकम ऐंठते रहे। 

इसके बाद एक व्यक्ति ने खुद को रिकवरी एजेंट बताकर वीम्स से संपर्क करके उनकी रकम कूरियर के जरिए भेजे जाने का दावा किया और शिपिंग, सीमाशुल्क स्वीकृति और 'कंप्लायंस चार्ज' के नाम पर उनसे और धन की मांग की। उन्होंने बताया कि बाद में वीम्स को खुद को कानूनी सलाहकार बताने वाले एक व्यक्ति से मिलवाया गया जिसने झूठा दावा किया कि उनका धन एक 'ट्रेडिंग पोर्टफोलियो' में निवेश किया गया है। 

ठगों ने वीम्स से और धन ऐंठने के लिए उन्हें मुनाफा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया। धोखाधड़ी का एहसास होने पर वीम्स ने साइबर अपराध थाने से संपर्क किया और प्राथमिकी दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज होने के बाद 19 लाख रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं।

कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इस मामले को एक 'सुनियोजित और बहु-स्तरीय साइबर धोखाधड़ी' बताया, जिसमें कई आरोपी मिलकर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क का पता लगाने और बची हुई रकम बरामद करने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे ऑनलाइन माध्यम से अनजान लोगों से बातचीत करते समय सतर्क रहें, खासकर ऐसे लोगों से जो भारी मुनाफे का वादा करते हैं।

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