कानपुर : रसोई गैस किल्लत से बदल रहा घर का मैन्यू, महिलाओं ने प्रेशर कुकर पर जताया भरोसा, जानें क्या कहा...

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
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कानपुर, अमृत विचार। शहर में रसोई गैस किल्लत से आम घरों का भी मैन्यू बदल रहा है। घरों में भोजन पकाने के तरीकों में बदलाव आने लगा है। खासतौर पर ऐसे भोजन से दूरी बनाई जा रही है जिसमें अघिक आंच की जरूरत पड़ रही है। ज्यादातर भोजन प्रेशर कुकर में पकाया जा रहा है। फ्राईपैन से अधिकतर महिलाओं ने तौबा कर लिया है।

रसोई गैस किल्लत की वजह से घरों में गैस की बचत शुरू हो गई है। इनमें जिनके पास पर्याप्त रसोई गैस मौजूद है वह भी और जिनके पास सिलेंडर की कमी है वह भी गैस बचाने के उपाय तलाश रहे है। घरों में बच्चों का पसंदीदा भोजन भी सीमित मात्रा में ही पक रहा है। फटाफट भोजन बनाने वाली रेसेपी को तवज्जो दी जा रही है।

खासतौर पर कढ़ी, राजमा, पूड़ियां, कटहल, करेला जैसी रेसेपी को महिलाओं ने बनाना बंद कर दिया है। इसकी वजह पर दाल व चावल बनाने के लिए कुकर का इस्तेमाल किया जा रहा है। महिलाओं का महना है कि जिस तरह के हालात रसोई गैस को लेकर बने हैं उन हालातों में रसोई गैस की बचत करना बेहद जरूरी हो गया है। 

कम हुई किटी

शहर के पॉश इलाकों में महिलाओं के बीच होने वाली किटी पार्टियां पर भी इसका असर पड़ा है। स्वरूप नगर, तिलक नगर, पांडु नगर सहित अन्य इलाकों मे हर सप्ताह होने वाली पार्टियां इस सप्ताह नहीं हो पाई है। खास बात यह है कि होली के पर्व के बाद अनिवार्य रूप से इन पार्टियों पर ग्रहण लगा है। ‘काउंटी’ बजट बिगड़ना भी इसकी एक वजह मानी जा रही है। गैस सिलेंडर की कमी की वजह से रेस्टोरेंट की ओर से भी पार्टियों को कराने में असहजता दिखाई जा रही है।

अब हर वक्त गैस सिलेंडर की चिंता बनी रहती है। इस वक्त उठे हालातों के चलते परिवार ने पाइप लाइन के लिए आवेदन भर दिया है। अब जब तक सीयूजीएल पाइप लाइन से हमारे घर में गैस आनी नहीं शुरू होती तब तक गैस की बजटिंग करनी होगी... अनीषा भट्टाचार्या।

रसोई गैस की कती से पूरा शहर प्रभावित हो रहा है। हम लोगों ने अब घरों में खाना पकाने के तरीकों और मैन्यू में बदलाव किया है। घर में वही खाना बन रहा है जो कम गैस खर्च में तैयार हो जाता है। इस वक्त गैस की बचत करना बेहद जरूरी हो गया है... पिंकी मुखर्जी।

रसोई गैस की किल्लत के चलते हम लोगों ने इंडेक्शन खरीद लिया है। फिलहाल घर में रसोई गैस है लेकिन भविष्य को देखते हुए तैयारी कर ली है। गैस का कम से कम उपयोग घर में हो रहा है। चाय भी सीमित मात्रा में ही बनाई जा रही है... सोमा घोष विश्वास।

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