सड़कों पर उतरा LGBTQIA : 'काला बिल वापस लो' के लगे नारे, पहचान और अधिकारों को लेकर जताई नाराजगी

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
On

लखनऊ, अमृत विचारः ट्रांसजेंडर पर्सन्स अमेंडमेंट बिल-2026 के विरोध में रविवार को करीब 500 लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर, क्वीर, इंटरसेक्सुअल, असेक्सुअल लोगों ने प्रदर्शन किया। बेगम हजरत महल पार्क से विधानसभा की ओर जाते समय पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रोक दिया।

वायरल तस्वीर (10)

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि नया बिल उनकी पहचान और अधिकारों के खिलाफ है। उनका आरोप है कि इसमें ट्रांसजेंडर की परिभाषा को सीमित कर दिया गया है और केवल उन्हीं लोगों को मान्यता दी जाएगी जो पहले से इस श्रेणी में आते हैं। समुदाय का कहना है कि जेंडर आइडेंटिटी किसी मेडिकल जांच से नहीं बल्कि व्यक्ति की भावना और आत्म-पहचान से तय होती है।

वायरल तस्वीर (11)

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नए बिल के तहत शारीरिक जांच की बात करना अपमानजनक है और समुदाय के खिलाफ साजिश बताते हुए कहा कि किसी मेडिकल रिपोर्ट से उनकी भावनाएं तय नहीं की जा सकतीं।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी सवाल उठाया कि 2019 के फैसलों के बावजूद अब उनकी स्वतंत्र पहचान पर सवाल क्यों खड़े किए जा रहे हैं।

वायरल तस्वीर (12)

भरोसा ट्रस्ट से जुड़ी जतिन ने आरोप लगाया कि बिल में संशोधन बिना समुदाय से सलाह लिए किया गया। समुदाय के लोगों ने मांग की कि सरकार इस बिल को वापस ले और व्यापक संवाद तथा सर्वे के बाद ही नया कानून लाए, ताकि उनके अधिकारों और सम्मान की रक्षा हो सके।

ये भी पढ़ें : 
मनरेगा की 15 हजार अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने पर फोकस, नए वित्तीय साल में वीबी जी राम जी की तैयारी


 

 

 

 

 

 

संबंधित समाचार