Moradabad:तनाव, जंक फूड और देर से शादी…बढ़ा रहे इनफर्टिलिटी
मुरादाबाद, अमृत विचार। बदलती जीवनशैली, बढ़ता तनाव और अनियमित खानपान से महिलाओं में इनफर्टिलिटी (बांझपन) की समस्या तेजी से बढ़ रही है। हर तीसरी महिला किसी न किसी रूप में इनफर्टिलिटी की परेशानी से प्रभावित हो रही हैं। अस्पतालों में भी रोज महिलाएं परामर्श और इलाज के लिए पहुंच रही हैं।
शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रतिदिन औसतन 12 से 14 महिलाएं इनफर्टिलिटी की समस्या को लेकर डॉक्टरों के पास पहुंच रही हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पहले यह समस्या अपेक्षाकृत कम देखने को मिलती थी, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में इसके मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है।
नवजीवन सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. स्वेच्छा बंसल बताती हैं कि बदलती जीवनशैली और बढ़ती उम्र में शादी इसका बड़ा कारण बन रही है। उनका कहना है आजकल कई महिलाएं करियर और अन्य कारणों से 30 वर्ष या उससे अधिक उम्र में शादी कर रही हैं। ऐसे में ओवेरिस की कार्यक्षमता कम होने लगती है, जिससे गर्भधारण में दिक्कतें बढ़ जाती हैं। इनफर्टिलिटी केवल महिलाओं से जुड़ी समस्या नहीं है।
कई मामलों में पुरुषों में स्पर्म की गुणवत्ता और संख्या कम होना भी प्रमुख कारण बनता है। इसके अलावा महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन, पीसीओडी, थायराइड, मोटापा और ओवेरिस की कमजोर सेहत भी गर्भधारण में बाधा बनती है। बताया कि देर से शादी, अनियमित दिनचर्या, जंक फूड का अधिक सेवन, पर्याप्त नींद न लेना और बढ़ता मानसिक तनाव भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। समय रहते जांच और इलाज कराने से अधिकांश मामलों में समाधान संभव है, लेकिन कई दंपति देर से डॉक्टर के पास पहुंचते हैं, जिससे समस्या जटिल हो जाती है।
इनफर्टिलिटी से बचाव के उपाय
-संतुलित और पौष्टिक आहार लें, जंक फूड से दूरी रखें
- नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रित रखें
- तनाव कम करें और पर्याप्त नींद लें
- धूम्रपान और शराब जैसी आदतों से बचें
- शादी के बाद गर्भधारण में देरी हो तो समय पर डॉक्टर से परामर्श लें
