Moradabad: कैमरे की नजर फिर भी वाहन चालकों की मनमानी से आए दिन शहर जाम

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर के अधिकांश शापिंग कॉम्पलेक्सों व बड़ी दुकानों में पार्किंग स्थल न होने से ग्राहकों के वाहन सड़क किनारे खड़े होते हैं। जिससे आए दिन जाम लगता है। दूसरी ओर जाम का प्रमुख कारण शहर में 5000 से अधिक ई रिक्शा भी हैं। इनकी मनमानी से शहर का हर चौक चौराहा जाम से जूझता है। सप्ताह के पहले दिन सोमवार को तो और बुरी स्थिति रहती है। जाम में स्कूली वाहनों के अलावा एंबुलेंस भी फंसते हैं जिससे लोगों की मुश्किलें बढ़ती हैं।

कहने को तो शहर में ट्रैफिक व्यवस्था की निगरानी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से पीलीकोठी परिसर में 2 अरब 32 करोड़ से अधिक की लागत से बने एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े 256 सेंसरयुक्त कैमरों से होती है। जिसकी मॉनीटरिंग पुलिस विभाग करता है। सेंसरयुक्त कैमरे की नजर में शहर की हर प्रमुख सड़कें व चौक चौराहे हैं फिर भी वाहन चालकों की मनमानी व बेतरतीबी से आए दिन शहर जाम की गिरफ्त में रहता है। इसके लिए शापिंग कॉम्लेक्सों, होटलों, बैंक्वेट हालों में पार्किंग के पर्याप्त प्रबंध न होने के साथ ही सड़क पर मनमाने तरीके से दौड़ रहे 5000 से अधिक ई-रिक्शा हैं।

निगम की बैठकों में कई बार उठा मुद्दा
नगर निगम की बैठकों में भी शहर की बदहाल यातायात व्यवस्था पर महापौर व पार्षद नाराजगी जताकर अनाधिकृत ई-रिक्शा का संचालन रोकने की मांग उठ चुकी है। लेकिन यातायात पुलिस प्रभावी मॉनीटरिंग नहीं कर पा रही है।

एमडीएम की स्वीकृति बिना हुआ निर्माण
बिना पार्किंग स्थल के बने शापिंग कांम्पलेक्स, रेस्टोरेंट, होटलों का नक्शा एमडीएम द्वारा पास कर दिए जाने से भी इसे बढ़ावा मिल रहा है। जबकि नियमानुसार बिना पार्किंग स्थल के इसकी अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। कहने को तो नगर निगम ने टाउनहाल में मल्टीस्टोरी पार्किंग बना दिया है फिर भी इस क्षेत्र में दोपहिया व चार पहिया वाहन सड़क पर ही जहां तहां खड़े मिलते हैं। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित व सुचारू रखने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है। इसका प्रभावी पालन सुनिश्चित कराएंगे।

संबंधित समाचार