Bareilly:कूड़े से बनेगी गैस...सथरपुर में लगेगा सीबीजी प्लांट, वेस्ट-टू-एनर्जी प्रोजेक्ट को हरी झंडी

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। कमिश्नर सभागार में सोमवार को बरेली स्मार्ट सिटी लिमिटेड की बोर्ड बैठक में शहर के भविष्य को लेकर कई क्रांतिकारी निर्णय लिए गए। बैठक का मुख्य केंद्र ''सिटीज 2.0'' परियोजना और कचरा प्रबंधन रहा। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण फैसला सथरपुर में 100 टन क्षमता का कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने का लिया गया। यह प्लांट न केवल बरेली के गीले कचरे, गोबर और स्लज का वैज्ञानिक निस्तारण करेगा, बल्कि शहर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

बैठक के दौरान ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते वैश्विक तनाव और एलपीजी जैसे ईंधनों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता पर भी चर्चा हुई। बोर्ड का मानना है कि वैश्विक संकट के समय बाहरी ईंधनों पर निर्भरता कम करने के लिए स्थानीय स्तर पर बायो-गैस जैसे विकल्पों को बढ़ावा देना समय की मांग है। इसी सोच के साथ बरेली में अब गीले कचरे और गोबर से सीबीजी गैस बनाने का खाका खींचा गया है। अधिकारियों ने बताया कि सथरपुर में बनने वाला आधुनिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट एक रोल मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां कचरे को ''कंचन'' (ऊर्जा) में बदलने की प्रक्रिया पूरी तरह वैज्ञानिक और पर्यावरण अनुकूल होगी।

बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बोर्ड ने कूड़ा उठान के पारंपरिक तरीकों में बड़े बदलाव को हरी झंडी दी। बरेली की सड़कों पर कचरा ढोते हुए खुले वाहन नजर नहीं आएंगे, बल्कि ''क्लोज्ड कंटेनर सिस्टम'' लागू किया जाएगा। इसके लिए स्मार्ट सिटी फंड से नए और आधुनिक वाहनों की खरीद की जाएगी। कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने निर्देश दिए कि शहर से रोजाना निकलने वाले 450 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण शत-प्रतिशत किया जाए। इसके अलावा, धार्मिक स्थलों से निकलने वाले फूलों और नारियल के छिलकों के लिए अलग से विशेष निस्तारण प्लांट लगाने की योजना पर भी सहमति बनी, जिससे पवित्र कचरे का सम्मानजनक प्रबंधन हो सके।

बैठक के अंत में स्मार्ट सिटी के सीईओ संजीव कुमार मौर्य ने ''सिटीज 2.0'' का विस्तृत प्रजेंटेशन दिया और परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट साझा की। सीईओ ने स्पष्ट किया कि बोर्ड का पूरा फोकस अब उन परियोजनाओं पर है जो सीधे तौर पर पर्यावरण और जनता की सुविधा से जुड़ी हैं। बैठक में बीडीए उपाध्यक्ष डॉ. मनिकंडन ए., अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय समेत कई अन्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

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